AISA - All India Students' Association - Uttar Pradesh

AISA - All India Students' Association - Uttar Pradesh AISA is a radical students movement defending the principles of Equality, Gender Justice, Education & Employment from the assault of Neo-liberal Policies.

Manifesto:
AISA is a revolutionary, democratic students’ organization. We have led struggles for the democratization of campus life, for a pro-people and scientific education system and for the right to education and employment. Through mobilizing the revolutionary, left, democratic and liberal sections of the student community, we are committed to organizing a broad-based students’ movement as an

important organ in the revolutionary transformation of Indian society. AISA derives it’s ideological path from the progressive ideologies of democratic movements. We believe that Marxism is the science of revolutionary change and human emancipation. Through waging a relentless struggle against reactionary ideologies and cultural values, we are committed towards a creative and popular propagation of scientific culture, democracy and modern thought. AISA integrates itself with all democratic movements of the Indian people. In giving them a coherent, democratic ideological and political line, we accept the role of CPI-ML as the true communist party. We emphasize the solidarity of the students’ movement with struggles of the working class, especially with revolutionary peasant struggles in our country. The formation of AISA in 1990 came about through the integration of student movements inspired by the ideological line of the Naxalbari peasant revolt as well as those who derived their understanding from the 1974 peoples’ movement in Bihar. Over the years, AISA has emerged as a popular left students’ organization struggling against the anti-student, anti-people right-wing organization like NSUI and ABVP, exposing at the same time opportunist and semi-anarchist trends in the left democratic movement. The hollow “left” rhetoric and ritual activities of SFI and AISF have become completely disconnected with the democratic aspirations of students and the dynamic student movement. Through following an opportunist ideological- political line, they have gradually declined and become marginalized forces in the student movement. Especially in the Hindi-Urdu speaking areas they could never become the representative forces of the aspirations of the student community. Similarly, AISA has provided a positive negation of the semi-anarchist tendencies of those organizations which identify with the Naxalbari movement but fail to distinguish the difference between the mass organization and the party. Failing to build a broad based student movement addressing the popular aspirations of the larger student community they have been reduced to many fighting sects. Ultimately, trapped in endless left “phrase mongering” they are gradually disintegrating as a force of the student movement. As opposed to this, AISA has led the struggle for a radical democratization of education, culture, society and politics. AISA wages a firm and uncompromising struggle against all reactionary organizations and lumpen leaders within the student movement. At each step, we have upheld the dignity and equality of women and stood for their participation and leadership in both the student movement and social life. In this light, as a successor and student of the glorious legacy of student struggles, AISA commits itself to stand against the prevailing backwardness of our country and its dependence on external powers, which has provided a fertile ground for fundamentalism, medieval barbarism, casteism and communal frenzy, causing a gradual erosion of our national sovereignty and subjecting India to the threat of neocolonialism. The alarming rise of communal fascism is not only a threat for our rich cultural legacy of communal harmony but has also posed a grave threat to nation building and the very foundations of democratic politics. To counter the monster of communal fascism and uphold a secular politics, AISA holds that religion is primarily an individual concern and should be completely separated from politics and from the institutions of governance. We struggle to carry forward the modern idea of secularism– “Sarva Dharma Varjate” as against the conventional notion of “Sarva Dharma Sambhav.”
We are committed to defending national sovereignty and revolutionary democracy. We also extend our solidarity to ongoing people’s movements against imperialism in Third World countries, just as we support democratic movements within these imperialist countries. As a leading force of the anti-imperialist democratic front of Asian students, the Asian Students Association (ASA), AISA endeavours to consolidate the unity and fraternity of the people of south Asia against the onslaught of imperialism.

आज बनारस में आइसा काशी विद्यापीठ की बैठक की गईं। इस बैठक में 17 सदस्यों की संयोजन समिति चुनी गई। इसमें से कॉमरेड ओसामा अ...
19/08/2026

आज बनारस में आइसा काशी विद्यापीठ की बैठक की गईं। इस बैठक में 17 सदस्यों की संयोजन समिति चुनी गई। इसमें से कॉमरेड ओसामा अली को संयोजक, कॉमरेड रंजना और कामरेड गजराज को सह संयोजक चुना गया।

आने वाले समय में आइसा काशी विद्यापीठ में सदस्य अभियान चलाते हुए यूनिट कॉन्फ्रेंस करेगी। एक मजबूत छात्र आंदोलन का निर्माण करते हुए काशी विद्यापीठ के परिसर को बेहतर बनाने, देश में शिक्षा और रोजगार पर बढ़ते हमले के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेगीं।

इस संयोजन समिति के द्वारा 12 सितंबर को बनारस में जेन जी राइजिंग महाजुटान यात्रा को मजबूती प्रदान करने में भी सहयोग करेगी। इंकलाब जिंदाबाद!



AISA की ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ 9 सितंबर से UP मेंजंतर-मंतर की चिंगारी को अब हर जिले तक ले जाएंगे - आइसालखनऊ, 18 अगस्त 2...
19/08/2026

AISA की ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ 9 सितंबर से UP में

जंतर-मंतर की चिंगारी को अब हर जिले तक ले जाएंगे - आइसा

लखनऊ, 18 अगस्त 2026 - आइसा ‘GenZ Rising’ अभियान के उत्तर प्रदेश चैप्टर ने आज यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में प्रेस ब्रीफिंग कर प्रदेशव्यापी _GEN-Z महाजुटान यात्रा_ की घोषणा की। इस यात्रा का मकसद पेपर लीक, फीस वृद्धि, सामाजिक न्याय और रोजगार जैसे छात्रों के बिखरे हुए सवालों को एक व्यापक छात्र-युवा आंदोलन से जोड़ना है।

इस यात्रा में मुख्य रूप से _नेहा_ और _AISA UP अध्यक्ष मनीष कुमार_ शामिल रहेंगे। इसमें _JNUSU अध्यक्ष अदिति_ और _सह सचिव दानिश_ भी शामिल रहेंगे।

यात्रा 9 सितंबर को इलाहाबाद से शुरू होकर रायबरेली, बनारस, आजमगढ़, गोरखपुर, फैजाबाद और लखनऊ होते हुए 18 सितंबर को मेरठ में GEN-Z महाजुटान के साथ समाप्त होगी।

*UP में छात्र आंदोलनों की लहर*
प्रेस को संबोधित करते हुए नेताओं ने बताया कि 12 जून को लखनऊ इको गार्डन में पेपर लीक के खिलाफ, 25 जुलाई को प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, सहारनपुर में निष्पक्ष परीक्षा की मांग को लेकर, 31 जुलाई को फीस वृद्धि और छात्रसंघ बहाली को लेकर, 9 अगस्त को SC/ST छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में 70% आरक्षण बचाने को लेकर प्रदर्शन किया। 10 अगस्त को KGMU इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड के लिए सड़क पर उतरे और 11 अगस्त को 56 दिन के संघर्ष बाद LU प्रशासन को 3 छात्रों का निष्कासन वापस लेना पड़ा। 14 और 17 अगस्त को स्कूली छात्रों ने भी शिक्षक और बुनियादी सुविधाओं की मांग की।

"जंतर-मंतर किसी आंदोलन का अंत नहीं था। वो एक व्यापक छात्र-युवा उभार की शुरुआत थी। NEET में धांधली और पेपर लीक ने साबित कर दिया कि मौजूदा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। GEN-Z महाजुटान यात्रा इसी आक्रोश को संगठन में बदलने की यात्रा है।"
*- प्रसेनजीत, AISA राष्ट्रीय महासचिव*

"UP के छात्र अकेले नहीं लड़ रहे। इलाहाबाद से मेरठ तक हर जिले में पेपर लीक, बेरोजगारी और फीस के खिलाफ गुस्सा है। यह यात्रा नेताओं का भाषण टूर नहीं है। हम हर शहर के स्थानीय संघर्ष को उठाएंगे और उसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे।"
*- मनीष कुमार, AISA उत्तर प्रदेश अध्यक्ष*

"पेपर लीक से लेकर फीस वृद्धि तक, सरकार हर मोर्चे पर छात्रों को धोखा दे रही है। छात्रसंघ चुनाव बहाल करना और दंडात्मक कार्रवाई बंद करना होगा। GEN-Z महाजुटान हर कैंपस की लड़ाई को एकजुट करेगा।"
*- शशांक, AISA उत्तर प्रदेश सचिव*

"रोजगार और सम्मान के सवाल पर नौजवान सबसे ज्यादा आहत है। पेपर लीक से लेकर अग्निवीर तक, सरकार ने नौजवानों को धोखा दिया है। GEN-Z महाजुटान रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई को एक मंच देगा।"
*- सुनील मौर्या, RYA प्रदेश सचिव*

"9 अगस्त को SC/ST मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन बताता है कि सामाजिक न्याय पर हमला सीधा है। 70% आरक्षण को कानूनी सुरक्षा देना होगा। शिक्षा का बाजारीकरण और आरक्षण पर हमला, दोनों के खिलाफ यह यात्रा सड़क से सदन तक दबाव बनाएगी।"
*- कामरेड विवेक, AISA उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष*

आइसा का कहना है कि यह यात्रा हर पड़ाव पर छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और चल रहे आंदोलनों से मिलेगी। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवालों को लेकर यह यात्रा UP के कोने-कोने में जन-जुटान करेगी।

*जारीकर्ता*
AISA उत्तर प्रदेश

AISA की ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ 9 सितंबर से UP मेंजंतर-मंतर की चिंगारी को अब हर जिले तक ले जाएंगे - आइसालखनऊ, 18 अगस्त 2...
18/08/2026

AISA की ‘GEN-Z महाजुटान यात्रा’ 9 सितंबर से UP में

जंतर-मंतर की चिंगारी को अब हर जिले तक ले जाएंगे - आइसा

लखनऊ, 18 अगस्त 2026 - आइसा ‘GenZ Rising’ अभियान के उत्तर प्रदेश चैप्टर ने आज यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में प्रेस ब्रीफिंग कर प्रदेशव्यापी _GEN-Z महाजुटान यात्रा_ की घोषणा की। इस यात्रा का मकसद पेपर लीक, फीस वृद्धि, सामाजिक न्याय और रोजगार जैसे छात्रों के बिखरे हुए सवालों को एक व्यापक छात्र-युवा आंदोलन से जोड़ना है।

इस यात्रा में मुख्य रूप से _नेहा_ और _AISA UP अध्यक्ष मनीष कुमार_ शामिल रहेंगे। इसमें _JNUSU अध्यक्ष अदिति_ और _सह सचिव दानिश_ भी शामिल रहेंगे।

यात्रा 9 सितंबर को इलाहाबाद से शुरू होकर रायबरेली, बनारस, आजमगढ़, गोरखपुर, फैजाबाद और लखनऊ होते हुए 18 सितंबर को मेरठ में GEN-Z महाजुटान के साथ समाप्त होगी।

*UP में छात्र आंदोलनों की लहर*
प्रेस को संबोधित करते हुए नेताओं ने बताया कि 12 जून को लखनऊ इको गार्डन में पेपर लीक के खिलाफ, 25 जुलाई को प्रयागराज, लखनऊ, झांसी, सहारनपुर में निष्पक्ष परीक्षा की मांग को लेकर, 31 जुलाई को फीस वृद्धि और छात्रसंघ बहाली को लेकर, 9 अगस्त को SC/ST छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में 70% आरक्षण बचाने को लेकर प्रदर्शन किया। 10 अगस्त को KGMU इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड के लिए सड़क पर उतरे और 11 अगस्त को 56 दिन के संघर्ष बाद LU प्रशासन को 3 छात्रों का निष्कासन वापस लेना पड़ा। 14 और 17 अगस्त को स्कूली छात्रों ने भी शिक्षक और बुनियादी सुविधाओं की मांग की।

"जंतर-मंतर किसी आंदोलन का अंत नहीं था। वो एक व्यापक छात्र-युवा उभार की शुरुआत थी। NEET में धांधली और पेपर लीक ने साबित कर दिया कि मौजूदा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। GEN-Z महाजुटान यात्रा इसी आक्रोश को संगठन में बदलने की यात्रा है।"
*- प्रसेनजीत, AISA राष्ट्रीय महासचिव*

"UP के छात्र अकेले नहीं लड़ रहे। इलाहाबाद से मेरठ तक हर जिले में पेपर लीक, बेरोजगारी और फीस के खिलाफ गुस्सा है। यह यात्रा नेताओं का भाषण टूर नहीं है। हम हर शहर के स्थानीय संघर्ष को उठाएंगे और उसे प्रदेशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनाएंगे।"
*- मनीष कुमार, AISA उत्तर प्रदेश अध्यक्ष*

"पेपर लीक से लेकर फीस वृद्धि तक, सरकार हर मोर्चे पर छात्रों को धोखा दे रही है। छात्रसंघ चुनाव बहाल करना और दंडात्मक कार्रवाई बंद करना होगा। GEN-Z महाजुटान हर कैंपस की लड़ाई को एकजुट करेगा।"
*- शशांक, AISA उत्तर प्रदेश सचिव*

"रोजगार और सम्मान के सवाल पर नौजवान सबसे ज्यादा आहत है। पेपर लीक से लेकर अग्निवीर तक, सरकार ने नौजवानों को धोखा दिया है। GEN-Z महाजुटान रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई को एक मंच देगा।"
*- सुनील मौर्या, RYA प्रदेश सचिव*

"9 अगस्त को SC/ST मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन बताता है कि सामाजिक न्याय पर हमला सीधा है। 70% आरक्षण को कानूनी सुरक्षा देना होगा। शिक्षा का बाजारीकरण और आरक्षण पर हमला, दोनों के खिलाफ यह यात्रा सड़क से सदन तक दबाव बनाएगी।"
*- कामरेड विवेक, AISA उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष*

आइसा का कहना है कि यह यात्रा हर पड़ाव पर छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और चल रहे आंदोलनों से मिलेगी। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवालों को लेकर यह यात्रा UP के कोने-कोने में जन-जुटान करेगी।

*जारीकर्ता*
AISA उत्तर प्रदेश

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में छात्रों नौजवानों से जंतर मंतर के ऐतिहासिक आंदोलन और शिक्षा में हो रही गड़बड़ियों पर बात ...
16/08/2026

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में छात्रों नौजवानों से जंतर मंतर के ऐतिहासिक आंदोलन और शिक्षा में हो रही गड़बड़ियों पर बात करते हुए आइसा की एक संयोजन समिति का गठन किया गया। जिसमें कॉमरेड विपिन को संयोजक और कॉमरेड सचिन को सह-संयोजक बनाया।

आइसा देवरिया जिला संयोजक समिति का किया गया गठन! #गौतम को देवरिया का  संयोजक* और सह-संयोजक- सुजीत, ओमकार, राजेंद्र, राजन ...
16/08/2026

आइसा देवरिया जिला संयोजक समिति का किया गया गठन!

#गौतम को देवरिया का संयोजक* और सह-संयोजक- सुजीत, ओमकार, राजेंद्र, राजन और सूरज चुना गया।

#जल्द देवरीया में बड़ा छात्र युवा सम्मेलन होगा!

*भाटपार रानी देवरिया, 16 अगस्त 2026* – आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन( AISA) की देवरिया जिला इकाई की बैठक संपन्न हुई। बैठक में शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करते हुए संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से देवरिया जिला कन्वेनिंग बॉडी का गठन किया गया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारी संयोजक- गौतम,सह-संयोजक- सुजीत, ओमकार, राजेंद्र, राजन और सूरज चुना गया।

यह कन्वेनिंग बॉडी AISA के प्रदेशव्यापी अभियान *" जेन जी जुटान"* के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में गठित की जा रही समिति का हिस्सा है।

नवगठित बॉडी ने आने वाले समय में देवरिया में एक बड़ा छात्र सम्मेलन आयोजित करने की योजना तय की। सम्मेलन का मुख्य फोकस शिक्षा के बाजारीकरण, बेरोजगारी और पलायन के सवालों को प्रमुखता से उठाना होगा।

इस मौके पर आइसा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि जंतर-मंतर के आंदोलन ने पूरे देश के छात्रों और युवाओं को संगठित किया है। उसी कड़ी को और मजबूत करते हुए देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आइसा का गठन किया जा रहा है। चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में एक बड़ा छात्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए आइसा देवरिया के नव-निर्वाचित संयोजक गौतम ने कहा कि
छात्र-युवाओं को शिक्षा बचाने के सवाल पर मजबूती के साथ एकजुट किया जाएगा। सरकार शिक्षा को बेच रही है, पेपर लीक करवा रही है और युवाओं को पलायन के लिए मजबूर कर रही है। हम देवरिया में एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे और हर स्कूल-कॉलेज तक इस आवाज को पहुंचाएंगे।

संयोजन समिति ने संकल्प लिया कि आने वाले दिनों में जिले भर के स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से संपर्क किया जाएगा और सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मीटिंग में भाकपा माले के जिला सचिव श्रीराम कुशवाहा, एडवोकेट ज्योति कुमार राय, संदीप यादव, धीरज कुमार चौहान राजन रजक सूरज कुमार हरिन्द्र कुमार, विवेक कुमार, सुजीत कुमार, मनीष कुमार, सुनील प्रसाद,ओमकार , धनंजय कुमार, विकाश कुमार, उदयभान कैलास प्रसाद अरुण कुमार मीना मद्धेसिया इत्यादि लोग शामिल रहे।

*जारीकर्ता*
गौतम
संयोजक, आइसा देवरिया

उत्तर प्रदेश में आज़ादी की पूर्व संध्या से जेन-ज़ी जुटानों के पहले चरण का आग़ाज़।आप भी अपने ज़िले, शहर, कैंपस में आइसा क...
14/08/2026

उत्तर प्रदेश में आज़ादी की पूर्व संध्या से जेन-ज़ी जुटानों के पहले चरण का आग़ाज़।

आप भी अपने ज़िले, शहर, कैंपस में आइसा की इस मुहिम में शामिल हों।

सुझावों और अधिक जानकारी के लिए दिए गए नम्बरों पर कॉल करें।

-Z ❤️

कल लखनऊ में शामिल हों।
13/08/2026

कल लखनऊ में शामिल हों।

आइसा आंदोलन के 36 साल पूरे होने पर 'उठो मेरे देश' कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।  #आइसा को पूरे प्रदेश में स्थापित कर...
09/08/2026

आइसा आंदोलन के 36 साल पूरे होने पर 'उठो मेरे देश' कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

#आइसा को पूरे प्रदेश में स्थापित कर शिक्षा और रोजगार का संगठित आंदोलन खड़ा करेंगें और भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे।
- मनीष कुमार, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा आज, 9 अगस्त 2026 को दोपहर 2 बजे, स्वराज भवन के सामने, भगत सिंह-अंबेडकर पुस्तकालय के बाहर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन आइसा आंदोलन के 36 वर्ष पूरे होने और "विराट छात्र-युवा आंदोलन का उभार और आईसा" के विशेष संदर्भ में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य नारा *लड़ो पढ़ाई करने को! पढ़ो समाज बदलने को!* और **"भगत सिंह-अंबेडकर के रास्ते"** पर चलने का संकल्प लिया गया।

आइसा प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि जंतर मंतर के छात्र युवाओं के आंदोलन ने शिक्षा रोजगार के सवाल को मौजूदा व्यवस्था के केंद्र में खड़ा दिया है। इस सरकार के द्वारा चलाए जा रहा बुल्डोजर को कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे उत्तर प्रदेश में आइसा को मजबूती के साथ खड़ा कर शिक्षा रोजगार के सवाल पर आंदोलन करेंगे और भाजपा को आने वाले चुनाव में सत्ता से बाहर करेंगे।

कार्यक्रम में बतौर वक्ता डॉ अंकित ने कहा कि आज के दौर में सबसे बड़ा हमला बौद्धिक चेतना पर किया जा रहा है। सवाल करने और तर्कशील मनुष्य के निर्माण और नागरिक बोध को बचाने की आज बेहद जरूरत है। आइसा इसी विरासत की अगुवाई पिछले 36 36 सालों से विभिन्न शैक्षणिक परिसर में कर रहा है।

आइसा की इलाहाबाद अध्यक्ष सोनाली ने कहा कि छात्र संघ पर प्रतिबंध लगाना, विश्वविद्यालय में लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलना और सवाल करने पर निलंबन और निष्कासन कर देना आज के विश्वविद्यालय की पहचान का प्रमुख आधार बन गया है। ऐसे में जब शिक्षा के संस्थानों को नई शिक्षा नीति 2020 के बुलडोजर से ढाया जा रहा है तब बेहद जरूरी है कि एक मजबूत संगठित आंदोलन को खड़ा किया जाए जो न सिर्फ शिक्षा बचाए बल्कि लोकतंत्र को भी जिंदा रखें। आइसा उसी ताकत का नाम है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छात्र-युवा आंदोलन के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भगत सिंह व अंबेडकर के विचारों को आत्मसात करने की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। छात्रों ने भी इस कार्यक्रम में भी अपनी बात रखीं।

कार्यक्रम का संचालन आइसा प्रदेश सचिव शशांक ने किया। हिमांशु,पल्लवी,साक्षी,ज्योति,शशि,शुभम,अजय,अंकित,विवेक.....इत्यादि शामिल रहे।

द्वारा
आइसा

09/08/2026

छात्र आंदोलन के 36 साल

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ( AISA)

Address

82/38 Gurugovind Singh Marg, Lalkuan, Lucknow-
Lucknow
226016

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