Dr Shakuntala Misra National Rehabilitation University, Lucknow

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Dr Shakuntala Misra National Rehabilitation University, Lucknow DSMNRU, established by Government of Uttar Pradesh in the year 2008, is a highly innovative that pro
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विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें
22/08/2026

विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरें

प्रेस विज्ञप्तिदिनांक- 21-08-2026समाज कार्य विभाग द्वारा ऑनलाइन विशेष व्याख्यान का आयोजन कर 7वें राष्ट्रीय समाज कार्य सप...
21/08/2026

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक- 21-08-2026
समाज कार्य विभाग द्वारा ऑनलाइन विशेष व्याख्यान का आयोजन कर 7वें राष्ट्रीय समाज कार्य सप्ताह 2026 का समापन

डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग द्वारा 7वें राष्ट्रीय समाज कार्य सप्ताह 2026 के तहत ‘A child centred approach to protection, parenting, resilience and learning’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन कर 7वें राष्ट्रीय समाज कार्य सप्ताह 2026 का समापन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में समाज कार्य विभाग, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान की सह-आचार्या Dr. Shaizy Ahmad उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में स्वागत वक्तव्य देते हुए मुख्य वक्ता का स्वागत समाज कार्य विभाग की विभागाध्यक्ष एवं सह- आचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने किया। कार्यक्रम की रूपरेखा, प्रस्ताविकी एवं वक्ता का परिचय समाज कार्य विभाग के सह- आचार्य डॉ. रुपेश कुमार सिंह द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता Dr. Shaizy Ahmad ने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके पालन-पोषण में परिवार की भूमिका, पाक्सो एक्ट, जे. जे. एक्ट, परिवार की अवधारणा, प्रकार एवं पैरेंटिंग इत्यादि के बारे में विस्तृत चर्चा की।
अपने वक्तव्य में उन्होंने बालक की परिभाषा बताते हुए कहा कि सामान्यत: 18 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे को बालक माना जाता है। बालक की यही परिभाषा पाक्सो एक्ट, यूनिसेफ में भी दी गई है। बच्चों की सुरक्षा के बारे में उन्होंने बताया कि जे. जे. एक्ट, 2015 में बच्चों की सुरक्षा से संबंधित दो प्रमुख प्रावधान हैं-1. CICL- Child in conflict with law 2. CNCP- Child in need of care and protection. इसके अलावा उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं पालन-पोषण में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवार के वातावरण का प्रभाव बच्चों के सर्वांगीण विकास पर पड़ता है। अगर माता-पिता बच्चों पर अधिक ध्यान देते हैं तथा बच्चों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार अपनाते हैं तो उनका का शारीरिक, सामाजिक एवं मानसिक विकास अच्छा होता है। इस प्रकार माता-पिता का व्यवहार बच्चों के प्रति सकारात्मक होना चाहिए। परिवार की अवधारणा के बारे में बताते हुये उन्होंने परिवार के प्रकारों एवं बच्चों के पालन-पोषण में परिवार की भूमिका की विस्तृत चर्चा की। दो छाया चित्रों के माध्यम से उन्होंने बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण में परिवार की भूमिका के महत्व को समझाया। कार्यक्रम का अंतिम सत्र प्रश्नोत्तर का था। इसमें मुख्य वक्ता ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर दिया।
संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन समाज कार्य विभाग के तृतीय क्षमाही की छात्रा एनुल हुदा अंसारी एवं धन्यवाद ज्ञापन श्रेया चतुर्वेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभाग के सहायक आचार्य डॉ. श्याम सिंह, डॉ. अवधेश कुमार तथा शोधार्थी अमित कुमार, निलया श्रीवास्तव, विश्राम सागर वर्मा, पंकज कुमार, राहुल कुमार समस्त छात्रों सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 70 से अधिक शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 # **DSMNRU में NSE द्वारा Investor’s Awareness Programme का आयोजन****लखनऊ, 21 अगस्त 2026:** डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्री...
21/08/2026

# **DSMNRU में NSE द्वारा Investor’s Awareness Programme का आयोजन**

**लखनऊ, 21 अगस्त 2026:** डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय (DSMNRU), लखनऊ के अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में **National Stock Exchange (NSE)** के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए **Investor’s Awareness Programme** का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में निवेश, वित्तीय जागरूकता तथा पूंजी बाजार से संबंधित बुनियादी एवं व्यावहारिक जानकारी विकसित करना रहा।

कार्यक्रम का आयोजन **21 अगस्त 2026 को दोपहर 12:45 बजे प्रशासनिक भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल** में किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में **Faculty of Commerce के Dean प्रो. संजीव गुप्ता, Faculty of Arts, Humanities and Social Sciences के Dean प्रो. ए. के. दुबे, Dean Academic प्रो. वी. के. सिंह, श्री अमित कुमार सक्सेना** तथा **अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. राशि कृष्ण सिन्हा** की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त **प्रो. अनामिका चौधरी, डॉ. अंजलि सिंह, डॉ. संदीप बलियान एवं श्रीमती सरिता सक्सेना** की भी विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के प्रारंभ में **प्रो. राशि कृष्ण सिन्हा, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग** द्वारा अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। उन्होंने वित्तीय जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए आय अर्जित करने के साथ-साथ अपनी आय का सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण प्रबंधन तथा निवेश की समझ विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को वित्तीय निर्णय लेते समय जागरूकता, जानकारी और विवेक को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान **श्री अमित कुमार सक्सेना** ने विद्यार्थियों को निवेश के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से निवेश के **तीन मूल मंत्रों—“Start Early, Diversification और Long Term”** पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि निवेश की शुरुआत जितनी जल्दी की जाए, उतना ही बेहतर वित्तीय अनुशासन विकसित किया जा सकता है। उन्होंने **Diversification** अर्थात निवेश को विभिन्न विकल्पों में विभाजित करने के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इससे निवेश जोखिम को संतुलित करने में सहायता मिलती है। वहीं, **Long Term** के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि निवेश में धैर्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री सक्सेना ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि निवेश संबंधी निर्णय भावनाओं, अफवाहों अथवा बिना जानकारी के आधार पर लेने के बजाय अपनी **जोखिम क्षमता, वित्तीय लक्ष्यों और उपलब्ध विश्वसनीय जानकारी** को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए। उन्होंने युवाओं में प्रारंभिक स्तर से ही वित्तीय अनुशासन एवं निवेश संबंधी समझ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में **प्रो. संजीव गुप्ता, प्रो. ए. के. दुबे एवं प्रो. वी. के. सिंह** ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। वक्ताओं ने वित्तीय जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों में प्रारंभिक अवस्था से वित्तीय समझ विकसित होने से वे भविष्य में अधिक सूझ-बूझ के साथ आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम होंगे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को **निवेश के मूलभूत सिद्धांतों, वित्तीय बाजार, निवेश जोखिम, वित्तीय योजना तथा निवेश से जुड़ी आवश्यक सावधानियों** के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को निवेश संबंधी निर्णय लेने से पूर्व विश्वसनीय एवं प्रमाणित स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में **डॉ. अभिषेक पांडेय** द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने NSE के प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, विभागाध्यक्ष, उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ **व्यावहारिक वित्तीय समझ** विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के **प्रो. अनामिका चौधरी, डॉ. अंजलि सिंह, डॉ. संदीप बलियान एवं श्रीमती सरिता सक्सेना* सहित अन्य संकाय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को **“Start Early, Diversification और Long Term”** जैसे निवेश के मूलभूत सिद्धांतों को समझने तथा भविष्य में **जागरूक, विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार निवेशक** बनने के संदेश के साथ हुआ।

20/08/2026
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20/08/2026

पुनर्वास विवि में पीजी की खाली सीटों पर स्पॉट दाखिले आज से
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-21 अगस्त तक होंगे स्पॉट दाखिले -खाली सीटों का ब्योरा विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध, India News in Hindi - Hindustan

20/08/2026
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19/08/2026

https://kanwhizztimes.com/news-detail/तकनीकी-शिक्षा-और-नवाचार-से-देश-के-विकास-में-योगदान-दें-विद्यार्थी:-डॉ.-शकुन्तला-मिश्रा-विश्वविद्यालय-में-इंडक्शन-प्रोग्राम-7669

लखनऊ के डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में बीटेक नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन...

तकनीकी शिक्षा और नवाचार से देश के विकास में योगदान दें विद्यार्थीलखनऊ, 19 अगस्त 2026। डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर...
19/08/2026

तकनीकी शिक्षा और नवाचार से देश के विकास में योगदान दें विद्यार्थी

लखनऊ, 19 अगस्त 2026।
डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बीटेक के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन हुआ। मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से तकनीकी शिक्षा के साथ शोध, नवाचार, व्यावहारिक कौशल और रचनात्मक सोच विकसित कर देश के तकनीकी विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. सीके दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को फैकल्टी एवं विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर तकनीक और नवाचार का है। विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगशाला, प्रोजेक्ट, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों की जानकारी हासिल करने के साथ समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्टार्टअप, उद्यमिता, इंटर्नशिप और उच्च शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने पर भी जोर दिया।

विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आशुतोष पांडेय ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसके साथ अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना भी हो। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन और मर्यादा का पालन करने का आह्वान किया।

मैनेजमेंट विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पांचाली सिंह ने प्रबंधन, व्यवसाय, नेतृत्व और उद्यमिता के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ नेतृत्व क्षमता, टीम वर्क, संवाद कौशल और प्रबंधन क्षमता भी जरूरी है। नवाचार आधारित सोच विद्यार्थियों को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ा सकती है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रामविलास मिश्रा, पूर्व कुलपति, अवध विश्वविद्यालय एवं प्रख्यात गणितज्ञ, ने विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को पुस्तकों के अध्ययन, प्रयोग, शोध और नवाचार को अपनी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि गणित और तकनीक एक-दूसरे के पूरक हैं। मूलभूत गणितीय सिद्धांतों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकों तक ज्ञान की निरंतरता बनी हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों को गणितीय सोच विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता जटिल समस्याओं का समाधान खोजने में मदद करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर नई तकनीकों, शोध-पत्रों और पुस्तकों का अध्ययन करने, प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और असफलताओं से सीखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वही विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे, जो तकनीक को समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़कर समाधान विकसित करेंगे। उन्होंने मानव कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण और समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक के उपयोग की दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और अन्य उभरती तकनीकों का है। ऐसे में विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मक सोच, नैतिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान की क्षमता और मानवीय संवेदनाएं भी विकसित करनी होंगी।

कार्यक्रम में डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. शिवेश मणि त्रिपाठी, डॉ. हरेंद्र वर्मा, डॉ. आकाश सिंह, डॉ. राकेश वर्मा, श्री अजीत शुक्ला, श्री अनिल गौण, श्री नन्द कुमार, डॉ. आशीष मल्ल सहित फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के शिक्षक एवं सहयोगी मौजूद रहे। शिक्षकों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं तकनीकी वातावरण का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अर्चना अवस्थी ने किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की। अंत में डॉ. पवन कुमार ने फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से मुख्य अतिथि, अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, सहयोगियों और नवप्रवेशित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इंडक्शन प्रोग्राम विद्यार्थियों के विश्वविद्यालयी जीवन की नई शुरुआत है। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, शोध, नवाचार, अनुशासन और संस्कार को जीवन का हिस्सा बनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए।

द्वारा: विवि प्रवक्ता प्रो यशवंत वीरोदय

पीजी में खाली सीटों पर 19 से 21 अगस्त तक स्पॉट प्रवेशलखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पीजी ...
18/08/2026

पीजी में खाली सीटों पर 19 से 21 अगस्त तक स्पॉट प्रवेश

लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में पीजी कार्यक्रमों की खाली सीटों पर स्पॉट प्रवेश 19 से 21 अगस्त तक होगा। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, प्रवेश के सभी चरण पूरे होने के बाद रिक्त बची सीटों के लिए यह स्पॉट राउंड आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए रिक्त सीटों का विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया गया है।

प्रवेश निदेशक प्रो. अनामिका चौधरी ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने पहले आवेदन नहीं किया है, उन्हें स्पॉट राउंड के लिए समर्थ पोर्टल के माध्यम से नया आवेदन करना होगा। पहले आवेदन कर चुके लेकिन प्रवेश न पा सके अभ्यर्थियों को भी स्पॉट काउंसिलिंग में भौतिक रूप से उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग में मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सत्यापन कराना होगा। आवेदन की संख्या रिक्त सीटों से अधिक होने पर प्रवेश मेरिट और आरक्षण के आधार पर दिया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के बाद उसी दिन प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

कुलपति का कोट

स्पॉट प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से रिक्त सीटों को निर्धारित नियमों, मेरिट और आरक्षण व्यवस्था के अनुसार भरा जाएगा। अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों में संबंधित विभाग में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें और विश्वविद्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
-कुलपति आचार्य संजय सिंह

द्वारा: विवि प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय

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