10/07/2019
शिक्षण रोजी-रोजगार का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक धर्म है। हमें इस धर्म के निर्वहण हेतु हमेशा तत्पर रहना चाहिए। यह बात कुलपति डाॅ. अवध किशोर राय ने कही। वे मंगलवार को विश्वविद्यालय से स्थाई संबंधन प्राप्त मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा में बी. एड. सत्र 2019-21 के सत्रारंभ कार्यक्रम का उद्घाटन कर रहे थे।
कुलपति ने कहा कि सभी स्तर के शिक्षकों का मान बराबर है। जिसने आपको एक अक्षर भी ज्ञान दिया है, उसके ॠण से उॠण नहीं हुआ जा सकता है।
कुलपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में शिक्षक को आचार्य कहते हैं। आचार्य का अर्थ है, आचरण के द्वारा शिक्षा देने वाला। वास्तविक शिक्षक वही है, जो अपने आचरण से शिक्षा देता है। शिक्षक का मुख्य कार्य है, विद्यार्थी का चरित्र-निर्माण।
कुलपति ने कहा कि शिक्षक होना अपने आपमें एक गौरब की बात है। शिक्षकों को पूरे जीवन ज्ञानार्जन के प्रति समर्पित रहना चाहिए और अपने चरित्र के माध्यम से समाज में एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र-निर्माता है। इनके ऊपर समाज एवं राष्ट्र के निर्माण की महती जिम्मेदारी है। अच्छे शिक्षक के माध्यम से ही अच्छे नागरिक का निर्माण होता है और अच्छे नागरिक से ही अच्छा समाज एवं राष्ट्र बनता है।
कुलपति ने सभी छात्र-अध्यापकों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और कहा कि वे नियमित रूप से कक्षा में आएं। यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय पर कक्षा में नहीं आते हैं, तो विश्वविद्यालय को सूचना देअ
कुलपति ने कहा कि शिक्षा के बिना समाज एवं राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। इसलिए हमारा मुख्य उद्देश्य शिक्षा को जनजन तक पहुँचाना है। इसके लिए हम दिनरात अथक प्रयास कर रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मधेपुरा काॅलेज, मधेपुरा के प्रधानाचार्य डाॅ. अशोक कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अथक प्रयासों से यहाँ शिक्षा विभाग की शुरूआत हुई है। हम यहाँ के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं देने हेतु प्रतिबद्ध हैं। हमारी अपेक्षा है कि यह विभाग नंबर वन विभाग बने।
डीएसडबल्यू डाॅ. शिवमुनि यादव ने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे नियमित रूप से कक्षा में आएं और छात्रावास, पुस्तकालय, केंटीन आदि सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं।
यूभीके काॅलेज, कड़ामा के प्रधानाचार्य डाॅ. माधवेन्द्र झा ने प्रधानाचार्य महासंघ की ओर से अपील की कि कुलपति महोदय को एक कार्यकाल और मिले।
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति ने दीप प्रज्जवलित कर की। सभी अतिथियों का अंगवस्त्रम् एवं पुष्पगुच्छ एवं पाग से स्वागत किया गया। आरती कुमारी, स्वाती कुमारी एवं रौशन कुमार ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर सिंडीकेट सदस्य डाॅ. जवाहर पासवान, महाविद्यालय शासी निकाय के सदस्य डाॅ. उदय कृष्ण, उप प्रधानाचार्य डाॅ. भगवान कुमार मिश्र, पीआरओ डाॅ. सुधांशु शेखर, बी.एड. विभागाध्यक्ष डाॅ. बी. एन. सिंह, कुलपति के निजी सहायक शंभु नारायण यादव, मनोज भटनागर, विजेन्द्र मेहता, ब्रजेश मंडल, डाॅ. कुमार विद्यानंद सिंह, मुकेश कुमार, संजीव कुमार, शशि शेखर कुमार आजाद, प्रेम कुमार, रिंकी कुमारी, कुमार चन्देश्वरी यादव, सच्चिदानंद, शोभा कुमारी, तरूण कुमार, मिथिलेश कुमार, अमल किशोर, विभाष कुमार यादव, सौरभ कुमार, वंशी आदि उपस्थित थे।
(BNMU के वॉल से।)