16/07/2026
मधुस्थली शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में डी.एल.एड. सत्र 2026–28 के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन
मधुपुर। मधुस्थली शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (MITT), मधुपुर में डी.एल.एड. सत्र 2026–28 के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागतार्थ एक भव्य इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन डी.एल.एड. सत्र 2025–27 के विद्यार्थियों द्वारा किया गया, जिसमें नवागंतुक विद्यार्थियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। पूरे कार्यक्रम को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायक संबोधनों से यादगार बनाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मधुपुर कॉलेज, मधुपुर के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. रत्नाकर भारती उपस्थित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मधुपुर कॉलेज, मधुपुर के हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रंजीत कुमार तथा एम.सी.के.वी. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स की एच.आर. सुश्री अपर्णा हालदार, , मधुस्थली कैंपस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ. जनार्दन घोष, मधुस्थली विद्यापीठ की प्रधानाध्यापिका श्रीमती विनीता जयसवाल और मधुस्थली इंस्टीट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल कैंपस के प्रशासक, श्री दिलीप झा, उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, संस्थान की प्राचार्या डॉ. जॉली सिन्हा, एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पूर्व सभी अतिथियों का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर पारंपरिक भारतीय रीति से स्वागत किया गया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में डॉ. रत्नाकर भारती ने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि समय का सही प्रबंधन ही सफलता का आधार है। उन्होंने शिक्षकों की समाज निर्माण एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रंजीत कुमार ने विद्यार्थियों को एक आदर्श शिक्षक बनने के लिए आवश्यक तीन प्रमुख गुणों— सही जानकारी देने की प्रवृत्ति, समर्पण एवं धैर्य —को अपने व्यक्तित्व में विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यही गुण भविष्य में उन्हें एक सफल एवं प्रेरणादायी शिक्षक बनाएंगे।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. जॉली सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मधुस्थली शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है तथा उन्हें एक योग्य, उत्तरदायी एवं संवेदनशील शिक्षक के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा का उदाहरण देते हुए बताया कि सामूहिक प्रयास, सहयोग एवं एकता से ही बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने समूह नृत्य, समूह गीत एवं एकल गीत जैसी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। श्री सौरव कुमार मंडल ने संस्थान के गौरवशाली इतिहास एवं विकास यात्रा से सभी को अवगत कराया। वहीं श्री कमल मंडल ने संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, एवं अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके उपरांत डॉ. जॉली सिन्हा ने संस्थान के सभी शिक्षकगण एवं कर्मचारियों का परिचय नवप्रवेशी विद्यार्थियों से कराया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भी अपना परिचय देकर एक-दूसरे से परिचित होने का अवसर प्राप्त किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई द्वारा मुख्य अतिथि को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंट किया गया। इसके साथ ही संस्थान परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, परंपराओं, सुविधाओं एवं शिक्षकों से परिचित कराना तथा उनमें आत्मविश्वास, अपनत्व एवं सकारात्मक सोच का विकास करना था। पूरे कार्यक्रम का संचालन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।