17/09/2026
#नवाचार की उड़ान से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़े युवा इंजीनियर #
श्रीनाथजी इंस्टिट्यूट में इंजीनियर्स डे पर तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन, विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए आकर्षक मॉडल
नाथद्वारा। तकनीकी शिक्षा को नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से श्रीनाथजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग में इंजीनियर्स डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न तकनीकी एवं रचनात्मक मॉडल और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा एवं नवाचार की सोच का परिचय दिया।
कार्यक्रम में राजेश्वर शर्मा, एचआर, आदित्य बिरला व्हाइट प्लांट एवं कमलेश नावी, अजयपाल, जितेंद्र आमेटा, स्वीटी टांक, अल्ट्राटेक सीमेंट और संस्थान निदेशक अशोक पारीख ट्रस्टी तिलकेश भाटिया ने शिरकत की। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडल्स का अवलोकन किया और उनकी कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स के पीछे की अवधारणा, तकनीकी प्रक्रिया और भविष्य में उनके उपयोग की संभावनाओं को विस्तार से समझाया। इंजीनियर्स डे प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर उनके इंजीनियरिंग क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। अतिथियों ने कहा कि आधुनिक दौर में इंजीनियरिंग का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज, इंडस्ट्री एक्सपोजर, तकनीकी कौशल, समस्या समाधान और नवाचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को समझने और अपने विचारों को प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियर देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। आधारभूत संरचना से लेकर उद्योग, ऊर्जा, परिवहन, संचार, स्वास्थ्य और डिजिटल तकनीक तक इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, ग्रीन टेक्नोलॉजी एवं सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्र युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आए हैं। प्रोजेक्ट प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने अपने मॉडल्स के माध्यम से तकनीकी समस्याओं के समाधान और आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग को प्रदर्शित किया। इस दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। संस्थान के शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, टीमवर्क, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज के विद्यार्थी ही भविष्य में देश के तकनीकी विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत निदेशक अकादमिक डॉ. कपिल पारिख एवं पीआरओ धर्मेश पालीवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन कोमल पालीवाल और समन्वयन डॉ हितेश कुमावत ने किया।धन्यवाद ज्ञापित कैलाश पाटीदार ने किया।