GGDSD College, Palwal

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जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजनजी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में यूथ रेड क्रॉस सेल एवं मेडिक...
21/08/2026

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में यूथ रेड क्रॉस सेल एवं मेडिकल सेल द्वारा एकॉर्ड अस्पताल, फरीदाबाद के सहयोग से 20 अगस्त 2026 को स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
शिविर में 100 से अधिक यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों एवं महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों ने स्वास्थ्य जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का लाभ उठाया।
एकॉर्ड अस्पताल, फरीदाबाद से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने शिविर में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। चिकित्सक दल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, पाचन तंत्र एवं यकृत रोग विशेषज्ञ, तंत्रिका रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, अस्थि एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ तथा गुर्दा रोग विशेषज्ञ शामिल रहे। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए आवश्यक परामर्श एवं उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान करना तथा स्वस्थ जीवनशैली के लिए आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था।
इस आयोजन को सफल बनाने में एकॉर्ड अस्पताल के विपणन एवं विक्रय कार्यकारी श्री अमित की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने चिकित्सकों के समन्वय, शिविर की व्यवस्थाओं तथा आवश्यक सहयोग में सक्रिय योगदान दिया।
मेडिकल सेल की संयोजक डॉ. वंदना कालरा एवं यूथ रेड क्रॉस सेल की संयोजक डॉ. रुचि शर्मा एवं डॉक्टर मनीषा अग्रवाल ने​ शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों ने भी शिविर की व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने स्वास्थ्य जांच शिविर के सफल आयोजन पर मेडिकल सेल, यूथ रेड क्रॉस सेल, स्वयंसेवकों, एकॉर्ड अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम तथा श्री अमित के प्रयासों की सराहना की।

🇮🇳 हर घर तिरंगा अभियान 2026 🇮🇳G.G.D.S.D. College, Palwalदेशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को ब...
10/08/2026

🇮🇳 हर घर तिरंगा अभियान 2026 🇮🇳

G.G.D.S.D. College, Palwal

देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से G.G.D.S.D. College, Palwal द्वारा 10 से 15 अगस्त 2026 तक Har Ghar Tiranga Campaign के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

इस अभियान में NSS, NCC एवं YRC के स्वयंसेवकों और कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

📌 प्रमुख गतिविधियाँ:
• सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान का प्रचार
• National Flag एवं Partition Horrors Remembrance Day पर ऑनलाइन क्विज़
• Mera Bharat, Mera Abhiyan Flag Roll & Unroll Programme
• Guest Talk एवं Poster Making Competition
• विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियाँ
• Independence Day Celebration एवं Pledge Ceremony
• College Level Tiranga Yatra

आइए, NSS, NCC एवं YRC के साथ मिलकर तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करें। 🇮🇳

हर घर तिरंगा 🇮🇳
हर दिल तिरंगा ❤️
जय हिंद!

🇮🇳 हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा! 🇮🇳स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आइए अपने घर, कॉलेज और आसपास के स्थानों को तिरंगे के रंगों स...
10/08/2026

🇮🇳 हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा! 🇮🇳

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आइए अपने घर, कॉलेज और आसपास के स्थानों को तिरंगे के रंगों से सजाएँ और राष्ट्र के प्रति अपने प्रेम एवं सम्मान को व्यक्त करें।

गर्व से तिरंगा फहराएँ, देशभक्ति की भावना जगाएँ।
🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳

पर्यावरण संरक्षण की ओर सार्थक पहल: जी.जी.डी.एस.डी. महाविद्यालय में व्यापक वृक्षारोपण अभियान संपन्नगोस्वामी गणेश दत्त सना...
31/07/2026

पर्यावरण संरक्षण की ओर सार्थक पहल: जी.जी.डी.एस.डी. महाविद्यालय में व्यापक वृक्षारोपण अभियान संपन्न

गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय , पलवल में आज दिनांक 30 जुलाई 2026 को "व्यापक वृक्षारोपण अभियान" का आयोजन प्राचार्य डॉ नरेश कुमार के मार्गदर्शन में किया गया । इस समारोह में महाविद्यालय की राष्ट्रीय स्वयंसेवक इकाई,युवा रेड क्रॉस इकाई एवं राष्ट्रीय छात्रा सैन्य दल के 120 स्वयंसेवकों के साथ महाविद्यालय के स्टाफ ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। प्राचार्य डॉ नरेश कुमार ने बताया कि यह समारोह उच्चतर शिक्षा विभाग पंचकूला हरियाणा के गाइडलाइंस के आधार पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान शुरू किया गया है, जिसके अनुसार विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी महाविद्यालय को कम से कम ढाई सौ पौधे लगाने हैं, और हमारा महाविद्यालय प्रयास रत है ,कि हम अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपना योगदान देंगे। इस व्यापक अभियान को डॉ मंजुला बत्रा अंग्रेजी विभागाध्यक्षा, डॉ रेणु रानी शर्मा संस्कृत विभागाध्यक्षा, डॉ वंदना कालरा जीव विज्ञान विभागाध्यक्षा, डॉ कांता रानी वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्षा डॉ अंजू ढल्ल गणित विभागाध्यक्षा एवं श्री पवन मखीजा कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष ने वॉलंटियर्स को उत्साहित करते हुए सुशोभित किया । सभी वॉलंटियर्स ने मिलकर वृक्षारोपण कर पृथ्वी माँ को हरा भरा बनाने में अपना सहयोग दिया । इस कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा रेड क्रॉस की प्रभारी डॉ रुचि शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक इकाई 2 की प्रभारी डॉ वनिता सपरा एनसीसी बॉयज़ विंग की प्रभारी लेफ्टिनेंट डॉ रमन कुमार एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक की इकाई 1 के प्रभारी डॉ जितेन्द्र के साथ माली राजेश ,राहुल एवं मांगे का विशेष योगदान रहा।

Admissions Open for MBA!G.G.D.S.D. College, Palwal proudly introduces its Master of Business Administration (MBA) progra...
26/07/2026

Admissions Open for MBA!
G.G.D.S.D. College, Palwal proudly introduces its Master of Business Administration (MBA) programme. Take the next step towards a successful management career with quality education, experienced faculty, and industry-oriented learning.
Apply now and shape your future!

प्रेस नोटजी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का सफल समापनजी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल के आं...
26/07/2026

प्रेस नोट

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का सफल समापन

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम) का पाँचवाँ एवं अंतिम दिवस उत्साहपूर्वक प्राचार्य डॉ नरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन संपन्न हुआ। यह पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम महाविद्यालय की प्रबंध समिति के सदस्य एवं आईक्यूएसी के औद्योगिक विशेषज्ञ श्री राजेंद्र कालरा की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण, शोध एवं अकादमिक लेखन की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना था।कार्यक्रम में एक ऑफलाइन तथा दो ऑनलाइन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण एवं शोध के नवीन आयामों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजन सचिव डॉ. रुचि शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि एवं संसाधन व्यक्तियों के स्वागत के साथ किया गया। इसके उपरांत कार्यक्रम संयोजिका प्रो. (डॉ.) कांता रानी ने सभी संसाधन व्यक्तियों का परिचय कराते हुए उनके शैक्षणिक एवं शोध क्षेत्र में योगदान से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
प्रथम ऑफलाइन तकनीकी सत्र में जे.सी. बोस वाईएमसीए यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद गुप्ता ने “उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूलभूत अवधारणाएँ” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एआई की भूमिका, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, अनुसंधान की संभावनाओं तथा भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही विभिन्न एआई आधारित उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों को शिक्षा एवं शोध में अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
इसके उपरांत द्वितीय एवं तृतीय तकनीकी सत्र ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर नवीन ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किए।
सभी तकनीकी सत्रों के समापन के पश्चात महाविद्यालय के सहायक आचार्य श्री अंकित ने कार्यक्रम के संबंध में फीडबैक दिया । उन्होने पाँचों दिनों के सभी सत्रों की विषयवस्तु, प्रभावी प्रस्तुतीकरण तथा व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना करते हुए इस कार्यक्रम को अत्यंत ज्ञानवर्धक, समसामयिक एवं शिक्षण तथा शोध कार्य के लिए उपयोगी बताया।
समापन सत्र में महाविद्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष प्रो. मंजुला बत्रा, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. रेणु रानी, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू, प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना कालरा, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजबीर सिंह तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) अधिकारी डॉ. मनीषा अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम की सफलता पर आयोजन समिति को बधाई देते हुए इस प्रकार के शैक्षणिक एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने सभी संसाधन व्यक्तियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण, शोध एवं अकादमिक लेखन से संबंधित ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान एवं कौशल को समृद्ध करने तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन में तकनीकी सहयोग हेतु श्री पवन मुखीजा, सुश्री गरिमा एवं श्री निखिल का विशेष योगदान रहा। उनकी सक्रिय एवं कुशल तकनीकी व्यवस्था के कारण ऑफलाइन एवं ऑनलाइन सभी तकनीकी सत्र निर्बाध एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुए। प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री महेंद्र कलडा जी (एडवोकेट), उपाध्यक्ष श्री मनोज मंगला जी, सचिव श्री बंशीधर मखीजा जी, कोषाध्यक्ष श्री निलेश मंगला जी एवं प्रबंध समिति के अन्य सदस्यों ने कॉलेज प्राचार्य एवं समस्त स्टाफ़ को बधाई दी और आगे भी ऐसे आयोजन करने के लिए प्रेरित किया।

प्रेस नोटजी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन शोध लेखन एवं संदर्भ प्रबंधन पर विशेषज्ञ...
25/07/2026

प्रेस नोट

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन शोध लेखन एवं संदर्भ प्रबंधन पर विशेषज्ञ व्याख्यान

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन एक ऑफलाइन तथा दो ऑनलाइन तकनीकी सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।
प्रथम ऑफलाइन तकनीकी सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज के प्रोफेसर प्रो. प्रशांत सिंह ने “संदर्भ प्रबंधन एवं साहित्यिक चोरी की जाँच” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने शोध लेखन में संदर्भों के व्यवस्थित प्रबंधन, संदर्भ प्रबंधन सॉफ्टवेयर के प्रभावी उपयोग तथा साहित्यिक चोरी की जाँच के विभिन्न माध्यमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने शोध की गुणवत्ता, अकादमिक ईमानदारी तथा उच्च स्तरीय शोध प्रकाशन के लिए आवश्यक मानकों और व्यावहारिक उपायों से प्रतिभागियों को अवगत कराया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।इसके उपरांत दिन के द्वितीय एवं तृतीय तकनीकी सत्र ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विषय विशेषज्ञों से संवाद स्थापित किया।यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. (डॉ.) कांता रानी ने संसाधन व्यक्तियों का परिचय कराया, जबकि आयोजन सचिव डॉ. रुचि शर्मा ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।
दिनभर आयोजित ऑफलाइन एवं ऑनलाइन तकनीकी सत्रों के उपरांत प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने प्रतिभागियों से कार्यक्रम के संबंध में उनके बहुमूल्य सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए। प्रतिभागियों ने सभी सत्रों की विषयवस्तु, प्रस्तुतीकरण एवं व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना करते हुए उन्हें अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने सभी संसाधन व्यक्तियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में तकनीकी सहयोग हेतु श्री पवन मुखीजा एवं श्रीमती गरिमा का विशेष योगदान रहा। उनकी सक्रिय एवं कुशल तकनीकी व्यवस्था के कारण ऑनलाइन तकनीकी सत्र निर्बाध रूप से संपन्न हुए।

प्रेस नोटअध्यापक विकास कार्यक्रम के तीसरे दिन शोध अनुक्रमण पर विशेषज्ञ व्याख्यानजी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल के आंतरिक गु...
24/07/2026

प्रेस नोट

अध्यापक विकास कार्यक्रम के तीसरे दिन शोध अनुक्रमण पर विशेषज्ञ व्याख्यान

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय अध्यापक विकास कार्यक्रम के तीसरे दिन “अनुक्रमण को समझना: वैश्विक पहचान के लिए शोध लेखन, प्रकाशन और शोध की उचित प्रस्तुति” विषय पर एक ज्ञानवर्धक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. रीना रावत, सह-प्राध्यापक, रसायन विज्ञान विभाग, फरीदाबाद अभियांत्रिकी एवं प्रबंधन महाविद्यालय, फरीदाबाद रहीं।कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ. रुचि शर्मा ने प्रभावी एवं सुव्यवस्थित रूप से किया।कार्यक्रम का शुभारंभ संयोजक प्रो. (डॉ.) कांता रानी द्वारा मुख्य वक्ता के परिचय के साथ हुआ। अपने व्याख्यान में डॉ. रीना रावत ने शोध लेखन की गुणवत्ता, उपयुक्त पत्रिका के चयन, अनुक्रमण के महत्व, शोध प्रकाशन की नैतिकता तथा वैश्विक स्तर पर शोध की पहचान स्थापित करने के प्रभावी तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को स्कोपस, वेब ऑफ साइंस, यूजीसी-केयर तथा अन्य प्रतिष्ठित अनुक्रमण मंचों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की तथा शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले प्रकाशनों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तकनीकी व्यवस्थाओं का सफल संचालन कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष श्री पवन मुखीजा द्वारा किया गया, जिससे सत्र निर्बाध रूप से संपन्न हुआ।कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने प्रतिभागियों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया साझा करते हुए मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों को शोध एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने सभी सहयोगियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

*जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज  के एफ डी पी के दूसरे दिन में एआई आधारित शोध एवं शिक्षण तकनीकों पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन*...
23/07/2026

*जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज के एफ डी पी के दूसरे दिन में एआई आधारित शोध एवं शिक्षण तकनीकों पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन*

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दूसरे दिन का कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. (डॉ.) कांता रानी ने कहा कि इस फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शोध, अकादमिक लेखन तथा विद्वतापूर्ण संचार के नवीनतम आयामों से परिचित कराना है, ताकि वे इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग अपने अध्यापन एवं शोध कार्य में कर सकें।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. रेणु रानी शर्मा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में संस्कृत की ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खोल सकता है। दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में रिसोर्स पर्सन डॉ. वनीता कुमारी सप्रा ने “बुद्धिमान उपकरणों के माध्यम से शोध में क्रांतिकारी परिवर्तन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने आधुनिक एआई आधारित शोध उपकरणों, साहित्य समीक्षा, शोध लेखन, संदर्भ प्रबंधन तथा शोध कार्य की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका को विस्तार से समझाया। साथ ही प्रतिभागियों को विभिन्न एआई टूल्स के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया।
सत्र के अंत में प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने सभी रिसोर्स पर्सन एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रतिभागियों से प्राप्त सकारात्मक फीडबैक साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के शोध, अध्यापन एवं शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. रुचि शर्मा ने मंच संचालन करते हुए बताया कि पाँच दिवसीय एफडीपी के प्रत्येक सत्र को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को एआई आधारित शोध उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों की शोध दक्षता, अकादमिक लेखन की गुणवत्ता तथा पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में एआई आधारित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के प्रथम दो दिन सफलतापूर्वक संपन्नजी.जी.डी.एस.डी....
22/07/2026

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल में एआई आधारित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के प्रथम दो दिन सफलतापूर्वक संपन्न

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, पलवल के आईक्यूएसी (IQAC) एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान, अकादमिक लेखन एवं विद्वतापूर्ण संचार कौशल से शिक्षकों का सशक्तिकरण” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

प्रथम दिवस पर प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एआई की उच्च शिक्षा एवं शोध में बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रो. (डॉ.) मंजुला बत्रा ने शिक्षण एवं अनुसंधान में AI के जिम्मेदार उपयोग पर अपने विचार रखे। आयोजन सचिव डॉ. रुचि शर्मा ने कार्यक्रम का परिचय दिया, जबकि प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. रमन कुमार सैनी ने “उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूलभूत अवधारणाएँ” विषय पर व्याख्यान दिया।

दूसरे दिन कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचि शर्मा ने किया। डॉ. रेणु रानी शर्मा ने संस्कृत एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ. वनीता कुमारी सपरा ने “बुद्धिमान उपकरणों के माध्यम से शोध में क्रांतिकारी परिवर्तन” विषय पर एआई आधारित शोध उपकरणों, साहित्य समीक्षा, शोध लेखन एवं संदर्भ प्रबंधन के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।

कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. (डॉ.) कांता रानी ने कहा कि यह एफडीपी शिक्षकों को एआई आधारित शोध एवं अकादमिक लेखन के नवीनतम आयामों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास है। समापन पर प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार ने सभी संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए सकारात्मक फीडबैक साझा किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष श्री पवन मुखीजा, सुश्री गरिमा एवं सुश्री भावना का विशेष सहयोग रहा।

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