25/09/2026
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के मुंबई क्षेत्रीय केंद्र द्वारा 'हिंदी पखवाड़ा 2026' के अंतर्गत दिनांक- 25 सितंबर, 2026 को एकदिवसीय आनलाइन राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया।
परिसंवाद का विषय था- हिंदी भाषा : बदलता स्वरूप और विकास की नई दिशाएँ। परिसंवाद में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में कन्नूर विश्वविद्यालय, कन्नूर (केरलम्) के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रीति के. उपस्थित रहीं। छात्र प्रतिभागियों के रूप में एम.ए. हिंदी की छात्रा सौम्या पांडेय और छात्र अवनीन्द्र मिश्र को भी आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पी. नंबूथिरीपाद ने परिसंवाद में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और अतिथि वक्ता का परिचय कराया।
परिसंवाद के विषय पर कन्नूर विश्वविद्यालय, केरलम के हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति के. ने व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान के दौरान उन्होंने हिंदी भाषा के क्रमिक विकास के बारे में बताया। हिंदी भाषा को लेकर समाज में, विज्ञान के क्षेत्र में, विशेषकर तकनीकी दुनिया में आ रहे बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साहित्य, गीतों, सिनेमा और पत्रिकाओं जैसे विभिन्न माध्यमों से देश के विभिन्न भागों में हिंदी भाषा की पहुँच पर प्रकाश डाला। डॉ. प्रीति ने इस बदलती दुनिया में तकनीकी रूप से उन्मुख समाज के लिए हिंदी की उपयुक्तता पर भी जोर दिया और रोजगार के क्षेत्र में हिंदी के महत्त्व को भी रेखांकित किया।
इसके बाद, क्षेत्रीय निदेशक व प्रमुख डॉ. राहुल मिश्र ने हिंदी के विकास के इतिहास, विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में हिंदी के योगदान, स्वदेशी आंदोलन में हिंदी की भूमिका और महत्त्व पर विस्तार से बताया। उन्होंने हिंदी साहित्य के विभिन्न लेखकों और उनकी कृतियों तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से हिंदी ने स्वयं को पूरे भारत की भाषा के रूप में स्थापित किया है। डॉ. मिश्र ने सूरीनाम, मॉरीशस, फीजी आदि देशों में हिंदी के विस्तार के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हिंदी के वैश्विक परिदृश्य का खाका प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक श्री शशांक त्रिपाठी ने किया। परिसंवाद में क्षेत्रीय केंद्र के कर्मचारियों के साथ ही छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।