18/09/2026
हस्तशिल्प में करियर और उद्यमिता के नए अवसर!
ए.एन. कॉलेज, पटना के स्टार्ट-अप सेल एवं ईपीसीएच के संयुक्त तत्वावधान में “हस्तशिल्प क्षेत्र में करियर एवं उद्यमिता के अवसर” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन।
स्टार्ट-अप सेल, ए.एन. कॉलेज, पटना द्वारा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) के सहयोग से 18 सितंबर 2026 को “हस्तशिल्प क्षेत्र में करियर एवं उद्यमिता के अवसर” विषय पर एक विशेष सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को हस्तशिल्प क्षेत्र में उपलब्ध करियर, उद्यमिता, निर्यात एवं व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना तथा उन्हें इस क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्र प्रतिनिधि सुश्री वंदना सिंह द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य, स्टार्ट-अप सेल की फैकल्टी इंचार्ज, अतिथि वक्ता एवं शिक्षकगण की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत, प्राचार्य, ए.एन. कॉलेज, पटना ने अतिथियों एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने हस्तशिल्प को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत का अभिन्न अंग बताते हुए इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक कला एवं कौशल को आधुनिक नवाचार, उद्यमिता और वर्तमान बाजार की आवश्यकताओं से जोड़कर नए अवसरों का सृजन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत श्री नितेश कुमार, ईपीसीएच (EPCH) ने हस्तशिल्प क्षेत्र एवं उसकी संभावनाओं पर परिचयात्मक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं से अवगत कराया तथा हस्तशिल्प एवं इससे संबंधित उद्यमशील गतिविधियों में युवाओं के लिए उभरते अवसरों की जानकारी दी।
इसके पश्चात श्री विनोद कुमार गुप्ता, अतिथि वक्ता, ईपीसीएच (EPCH) ने सॉफ्ट स्किल्स, भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं निर्णय लेने की क्षमता विषय पर विशेषज्ञ सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक विकास में प्रभावी संवाद, पारस्परिक कौशल, भावनात्मक समझ और तार्किक चिंतन के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने विभिन्न सॉफ्ट स्किल्स के माध्यम से विद्यार्थियों की निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाने तथा भविष्य की करियर एवं उद्यमिता संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार होने के तरीकों पर भी चर्चा की।
सत्र के दौरान इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि किस प्रकार पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों को नवाचार, आधुनिक डिजाइन, प्रभावी ब्रांडिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं बाजारोन्मुखी रणनीतियों के माध्यम से सफल व्यावसायिक अवसरों में परिवर्तित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान हस्तशिल्प उद्यमिता, निर्यात एवं करियर से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। अतिथि वक्ताओं ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें इस क्षेत्र की व्यावहारिक संभावनाओं एवं अवसरों से अवगत कराया।
इस कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत, प्राचार्य, ए.एन. कॉलेज, पटना; डॉ. निहारिका कुमारी, फैकल्टी इंचार्ज, स्टार्ट-अप सेल; सचिन राज, स्टार्ट-अप सेल समन्वयक; छात्र प्रतिनिधि सुश्री वंदना सिंह एवं श्री पीयूष कुमार, सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. निहारिका कुमारी, फैकल्टी इंचार्ज, स्टार्ट-अप सेल द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने ईपीसीएच के प्रतिनिधियों, अतिथि वक्ता, महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति उनके बहुमूल्य सहयोग, सहभागिता एवं योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
यह विशेष सत्र प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक, ए.एन. कॉलेज, पटना के शताब्दी भवन, द्वितीय तल स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया।
✨ **परंपरा से उद्यमिता तक, हुनर से आत्मनिर्भरता तक!** ✨
#आत्मनिर्भरभारत #हस्तशिल्प #उद्यमिता #करियर #एएनकॉलेजपटना