02/05/2026
3 मई 1913 को प्रदर्शित भारत की *पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद* की मास कम्युनिकेशन विभाग में हुई विशेष स्क्रीनिंग।
गोस्सनर कॉलेज मास कम्युनिकेशन एवं वीडियो प्रोडक्शन विभाग में भारतीय फिल्मों के पितामह दादा साहब फाल्के को नमन किया गया।
3 मई 1913 को उनके द्वारा फिल्म राजा हरिश्चंद का निर्देशन किया गया था। उनके द्वारा बनाई गई फिल्मों को याद करते हुए विभाग में 1913 की राजा हरिश्चंद फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की गई। इस फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों ने मूक काल के फिल्मों के निर्माण की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर विभाग के *शिक्षक सह अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माता अनुज कुमार* ने दादा साहब फाल्के की जीवनी और फिल्मों में दिए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि " *मूक काल में फिल्में बनाना एक चुनौती था तब भी फिल्म निर्माताओं ने उन चुनौतियों को पार किया और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की नींव रखी। राजा हरिश्चंद फिल्म को भारत की पहली फीचर फिल्म होने का गौरव प्राप्त है। इस फिल्म में महिलाओं का किरदार पुरुषों के द्वारा निभाया गया साथ ही फाल्के के परिवार ने भी इस बनाने को अपना पूरा सहयोग दिया* "|
असिस्टेंट प्रोफेसर महिमा गोल्डेन बिलुंग ने कहा " *कि राजा हरिश्चंद फिल्म एक शुरुआत है समाज के दर्पण के रूप में। फिल्मों ने कई बदलाव देखे हैं - मूक काल, बोलती फिल्मों का दौर, स्वर्ण काल,भारतीय सिनेमा की नई लहर, रंगीन फिल्में, मल्टीप्लेक्स एवं डिजिटल, ओ टी टी प्लेटफॉर्म आदि। राजा हरिश्चंद फिल्म की स्क्रीनिंग हुई 1913 में और तब से 2026 तक 113 साल हो चुके है। इस लंबे सफर में विभिन्न क्षेत्रों के सिनेमा ने भी विश्व में अपना परचम लहराया है*।"
इस अवसर पर विभाग के शिक्षक संतोष कुमार, शिक्षक संजय बोस सहित सेम 5 के अनल, आकाश, रोशन, एल्विन, अनुज सहित अन्य उपस्थित थे।