Sanchi University of Buddhist-Indic Studies

Sanchi University of Buddhist-Indic Studies As a soulful university in the heart of India, SUBIS resurrect the brilliance of Indian philosophy through proper research and applied dimension.

This University is meant to address the global issues & shall generally cover educationalists, academicians, philosophers, researchers, practitioners from all over the world, but shall primarily focus on Asian countries - the land of genesis & spread of Buddhist-Indic culture. All aspects of Buddhist-Indic Studies from philosophy to culture; from economics to governance shall be addressed in total

ity. It shall invite knowledge & wisdom from all ten directions; shall realise, redeem, research, refine and refurbish it further to disseminate in all spheres of life and contribute to the efforts in making 'Mother Earth' a better place to live in. This shall also contribute to the interaction among Asian countries and facilitate cross pollination of ideas & foster harmony among different Asian civilizations.

सांची विश्वविद्यालय में फहराया तिरंगा• स्वतंत्रता दिवस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित• “ईमानदारी से कर्तव्यों के...
16/08/2026

सांची विश्वविद्यालय में फहराया तिरंगा
• स्वतंत्रता दिवस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
• “ईमानदारी से कर्तव्यों के निर्वह्न से देश विकसित होगा”- प्रो. मेहता
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. नवीन मेहता और उपकुलसचिव श्री विवेक पाण्डेय ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों-कर्मचारियों और छात्रों के साथ तिरंगा फहराया।
इस अवसर पर प्रो. मेहता ने सभी से आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने अपने स्थान पर अपने कर्तव्यों अपने दायित्वों का निर्वह्न पूर्ण ईमानदारी से करेगा तो विश्वविद्यालय तरक्की करेगा और साथ-साथ पूरा देश तरक्की करेगा। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी पढ़ाई पूरी ईमानदारी से करें और अधिक से अधिक शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ें ताकि उनकी शोध से देश-समाज को लाभ हो सके। उपकुलसचिव विवेक पांडे ने सबसे एक युवा की तरह जीने का आव्हान किया। उन्होंने छात्रों से अपने व्यक्तित्व पर काम करने को कहा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. हरीश चंद्रवंशी ने अपने संदेश में राष्ट्रनिर्माण में भूमिका निभाते हुए स्वआनंद पर भी ध्यान देने का आग्रह किया।

ध्वजारोहण के बाद विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जिसके तहत योग की छात्रा मनीषा जायसवाल ने भजन गाया एवं छात्रा विशाखा ने एंकरिंग की। योग छात्रों ने आदेश-गाने पर योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु एवं मध्यप्रदेश शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिव शेखर शुक्ला ने संदेश के माध्यम से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई प्रेषित की।
(आपसे अनुरोध है कि उक्त समाचार को अपने माध्यमों पर उचित स्थान प्रदान करने का कष्ट करें। धन्यवाद)

सांँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में 80 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।  अधिष्ठाता प्रोफेसर नवीन कुमार मेहत...
15/08/2026

सांँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में 80 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। अधिष्ठाता प्रोफेसर नवीन कुमार मेहता और उप कुलसचिव श्री विवेक पांडे ने ध्वजारोहण किया। प्रोफेसर मेहता ने कहा कि हमें संवाद करना चाहिए, अपने व्यक्तित्व पर कार्य करना चाहिए और कर्तव्य पालन में पीछे नहीं हटना चाहिए। इस अवसर पर छात्रों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

10/08/2026
*विशेष आकर्षण:* किताबों और पेंटिंग्स की भव्य प्रदर्शनी ।                                             ब्रिक्स सम्मेलन के ...
08/08/2026

*विशेष आकर्षण:* किताबों और पेंटिंग्स की भव्य प्रदर्शनी ।

ब्रिक्स सम्मेलन के अवसर पर साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय द्वारा विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालय द्वारा जहाँ बौद्ध धर्म और दर्शन से जुड़ी दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण किताबें प्रदर्शित की गईं, वहीं बौद्ध धर्म और भारतीय संस्कृति पर आधारित उत्कृष्ट पेंटिंग्स भी अतिथियों के अवलोकन हेतु रखी गई ।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इन पेंटिंग्स और साहित्यिक कृतियों में काफी रुचि दिखाई और विश्वविद्यालय के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ अमित ताम्रकार ने जहां अतिथियों को साँची विवि की दुर्लभ पुस्तकों से परिचय कराया वहीं, भारतीय चित्रकला विभाग के छात्रों ने अपनी भावपूर्ण पेन्टिग्स की जानकारी दी। पुस्तकालय स्टॉल पर कई प्रतिनिधियों एवं गणमान्य अतिथियों ने किताबों का अवलोकन किया।

ब्रिक्स (BRICS) देशों के संस्कृति मंत्रियों का सांची दौरा संपन्न; भारत की 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध विरासत से हुए रूबरू​साँ...
08/08/2026

ब्रिक्स (BRICS) देशों के संस्कृति मंत्रियों का सांची दौरा संपन्न; भारत की 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध विरासत से हुए रूबरू

​साँची, मध्य प्रदेश:
ब्रिक्स (BRICS) देशों के संस्कृति मंत्रियों की प्रतिष्ठित बैठक का समापन विश्व धरोहर स्थल साँची के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दौरे के साथ भव्य रूप से हुआ। इस विशेष दौरे में चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ब्राज़ील और कतर सहित अन्य देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों (डेलीगेट्स) ने साँची की अद्वितीय सुंदरता का अवलोकन किया और 2000 वर्ष पुरानी उस समृद्ध बौद्ध परंपरा का जायजा लिया, जो कभी इस क्षेत्र में फली-फूली थी।

इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाने में साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय ने प्रमुख और सक्रिय भूमिका निभाई। विदेशी मेहमानों को साँची की ऐतिहासिक स्थापत्य कला, दर्शन और संस्कृति से गहराई से अवगत कराने का उत्तरदायित्व विश्वविद्यालय के बौद्ध दर्शन विभाग के अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष प्रियदर्शी ने निभाया। उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अतिथियों ने साँची के गौरवशाली अतीत को करीब से महसूस किया।

​प्रमुख आकर्षण: जंबूद्वीप पार्क और साँची स्तूप

विदेशी प्रतिनिधियों ने मुख्य साँची स्तूप के दर्शन किए और इसके शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। इसके अतिरिक्त, स्तूप परिसर के नीचे स्थित 'जंबूद्वीप पार्क' और 'अशोका एमपी ट्रेल' उनके आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। इन स्थानों पर मध्य प्रदेश के विभिन्न स्तूपों और साँची स्तूप के निर्माण के ऐतिहासिक चरणों को अत्यंत आकर्षक और भौतिक रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसका प्रतिनिधियों ने विस्तार से भ्रमण किया। सारिपुत्त और महामोग्गलान पर भी एक पैवेलियन था जिसमें उनसे जुड़ी कथाओं और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई थी। इन सभी को डॉ प्रियदर्शी के नेतृत्व में तैयार किया गया था।

​बौद्ध साहित्य की विशेष प्रदर्शनी
इस अवसर पर ज्ञान और साहित्य के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साँची विश्वविद्यालय के पुस्तकालय द्वारा एक विशेष पुस्तक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में बौद्ध धर्म, दर्शन और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रदर्शन किया गया, जिसने सभी अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
​यह ऐतिहासिक दौरा भारत की सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) को मजबूत करने और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश के बौद्ध पर्यटन को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ गजेन्द्र सिंह शेखावत, एमपी के पर्यटन मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी और एमपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सांँची विवि के कुलगुरु श्री शिवशेखर शुक्ला और साँची विवि के कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता की भी गरिमामय उपस्थिति रही।

सांची वि.वि. में व्यास पूजन पर विशेष व्याख्यान·      भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्तवाधान में कार्यक्रम·      श्री पं...
07/08/2026

सांची वि.वि. में व्यास पूजन पर विशेष व्याख्यान
· भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्तवाधान में कार्यक्रम
· श्री पंकज नाफड़े रहे विशिष्ट अतिथि
· कुल परंपरा और गुरु परंपरा पर रखे विचार
सॉंची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में आज व्यास पूजन कार्यक्रम पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। भारतीय शिक्षण मंडल के मध्य भारत प्रांत के संयुक्त महामंत्री श्री पंकज नाफड़े ने मुख्य वक्ता के रूप में में कहा कि नई पीढ़ी से आत्मीयता से संवाद करना होगा और हर उस विषय पर बात करनी होगी जिस पर यह नई पीढ़ी बात करना चाहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को संस्कारवान बनाए जाने की शिक्षा देनी होगी। श्री पंकज नाफड़े ने कहा कि युवाओं को यह महसूस होना चाहिए कि उनके माता-पिता और पिछली पीढ़ी के लोग उनका भला चाहते हैं।
श्री पंकज नाफड़े ने कुल परंपरा और गुरुपरंपरा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पिता और जेपी आंदोलन के पुरोधा जय प्रकाश नारायण के संस्कारों का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि अमेरिका में पी.एच.डी कर रहे जय प्रकाश नारायण अपनी बीमार माता की सेवा के लिए पढ़ाई छोड़कर आ गए। मात्र अपने संस्कारों और दायित्वों को ध्यान में रखते हुए।
विशेष व्याख्यान में श्री पंकज नाफड़े ने कहा कि हमें ऐसा समाज तैयार करना होगा जो श्रेष्ठ भारत बनाने में अपना संपूर्ण योगदान दे सके। व्यास पूजन कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन उपकुलसचिव श्री विवेक पाण्डेय ने किया तथा मंच संचालन प्रो. नवीन मेहता ने किया। कार्यक्रम में सांची विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ-साथ उज्जैन व विदिशा के शिक्षाविद प्रो. अरूणेय और प्रो. शिखा दुबे सहित छात्रगण व अधिकारी-कर्मचारी सम्मिलित हुए।

वैकल्पिक शिक्षा एवं समग्र विकास विभाग के शोधार्थी हरिशंकर अहिरवार मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति में देशज ज्ञान का शैक्ष...
05/08/2026

वैकल्पिक शिक्षा एवं समग्र विकास विभाग के शोधार्थी हरिशंकर अहिरवार मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति में देशज ज्ञान का शैक्षिक महत्व पर विषय विशेषज्ञ के समक्ष पीचडी उपाधि साक्षात्कार देते हुए। हरिशंकर अहिरवार ने मध्यप्रदेश के जनजातीय समाज की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, भील एवं गोंड जनजाति की संस्कृति व जीवन-शैली को स्पष्ट करने के साथ इन जातियों के देशज ज्ञान संकलन व संरचना का विश्लेषण करते हुए देशज ज्ञान की शैक्षिक प्रासंगिकता का मूल्यांकन और शैक्षिक उपयोग की प्रांसगिकता को अपने शोध प्रबंध में समेटा है।

कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता एवं योग विभागाध्यक्ष डॉ उपेन्द्र बाबू खत्री के साथ छात्रों एवं अधिकारियों ने साँची विश्वविद...
31/07/2026

कुलसचिव प्रो रामनिवास गुप्ता एवं योग विभागाध्यक्ष डॉ उपेन्द्र बाबू खत्री के साथ छात्रों एवं अधिकारियों ने साँची विश्वविद्यालय को ग्राम सुआखेड़ी में आवंटित जमीन का मुआयना किया।

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