31/08/2026
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ‘खेल संवाद’ का आयोजन (Report By Urvashi)
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के शारीरिक शिक्षा विभाग एवं निदेशालय, शारीरिक शिक्षा एवं युवा कार्यक्रम द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ‘खेल संवाद’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. महावीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दो मुख्य वक्ताओं के रूप में अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच श्री भूपिंदर सिंह ठाकुर तथा अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच श्री जनम चंद कटोच ने अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता को प्रतिभागियों के साथ साझा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर लाल द्वारा स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. महावीर सिंह तथा दोनों मुख्य वक्ताओं का स्वागत करते हुए उनका औपचारिक परिचय प्रस्तुत किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा—“हर पदक के पीछे एक लंबा सफर होता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी उपलब्धि के पीछे लंबे समय तक किया गया परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष, त्याग और निरंतर प्रयास छिपा होता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात माननीय कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का युग है। बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप वही व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है, जो स्वयं को शारीरिक शिक्षा एवं खेलों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से भी जोड़कर रखे। उन्होंने विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान को अपनी शिक्षा और खेल प्रशिक्षण का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच श्री जनम चंद कटोच ने अपने प्रेरणादायक शब्दों से सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि हमें अपने माता-पिता का सम्मान एवं ध्यान रखते हुए अपने लक्ष्य पर पूरी एकाग्रता के साथ कार्य करना चाहिए। जीवन में छोटी-बड़ी परेशानियाँ और प्रतिकूल परिस्थितियाँ आती-जाती रहती हैं, लेकिन हमें उन्हें अपने लक्ष्य के मार्ग में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। ये परिस्थितियाँ हमारे जीवन का हिस्सा हैं, इसलिए हमें उनसे विचलित हुए बिना अपने उद्देश्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
उन्होंने यह भी संदेश दिया कि हमें अपने कर्म के प्रति ईमानदार और समर्पित रहना चाहिए, क्योंकि सच्ची मेहनत और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने एक प्रेरणादायक विचार साझा करते हुए कहा—“एक डॉक्टर की गलती कब्र में दफन हो जाती है, एक इंजीनियर की गलती ईंटों में दब जाती है, एक वकील की गलती फाइलों में छिप जाती है, लेकिन एक शिक्षक की गलती पूरे राष्ट्र के भविष्य में दिखाई देती है।”
उन्होंने कहा—“जीवन में परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, कर्म के प्रति ईमानदारी हो और प्रयास निरंतर जारी रहे, तो सफलता एक दिन निश्चित रूप से हमारे कदम चूमती है।”
इसके पश्चात अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच श्री भूपिंदर सिंह ठाकुर ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने ऊर्जा तंत्र (Energy Systems) को विस्तारपूर्वक समझाते हुए एक प्रभावी प्रशिक्षण योजना (Training Plan) तैयार करने की सही प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि एक खिलाड़ी के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि उसके शरीर में ऊर्जा किस प्रकार कार्य करती है और विभिन्न खेलों में ऊर्जा तंत्र की क्या भूमिका होती है। इसी वैज्ञानिक समझ के आधार पर खिलाड़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण योजना तैयार की जानी चाहिए।
उन्होंने शिक्षा के वास्तविक अर्थ को भी बहुत सुंदर ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का नाम नहीं है, बल्कि अपने मस्तिष्क और शरीर का सही उपयोग करते हुए जीवन की कठिनाइयों एवं चुनौतियों का सामना करना, उनका समाधान खोजना तथा बेहतर ढंग से जीवन जीना ही वास्तविक शिक्षा है।
अंत में उन्होंने एक जोशीले और प्रेरणादायक संदेश के साथ सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा—“यह आपका समय है—अपने सपनों को साकार करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और अपने लक्ष्य की ओर पूरी ऊर्जा एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने का।”
कार्यक्रम के अंत में प्रो. संजय शर्मा, निदेशक, शारीरिक शिक्षा एवं युवा कार्यक्रम, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. महावीर सिंह, दोनों अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों एवं मुख्य वक्ताओं श्री जनम चंद कटोच और श्री भूपिंदर सिंह ठाकुर, विश्वविद्यालय प्रशासन, विभाग के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया।