03/09/2026
पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ में जन्माष्टमी पर दही हांडी उत्सव धूमधाम से मनाया गया
- बीटेक की टीम ने मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी, चेयरमैन डॉ. विजयपाल नैन ने 5100 रुपये का नकद पुरस्कार देकर बढ़ाया हौसला
सोनीपत, 03 सितंबर ।
पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ, कामी रोड में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर दही हांडी उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और जयकारों के बीच विद्यार्थियों ने मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने का रोमांचक प्रदर्शन किया। पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ के चेयरमैन डॉ.विजयपाल नैन ने सचिव गौतम नैन, कोषाध्यक्ष भोपाल सिंह, प्रबंध निदेशक कपिल भाटिया, एमडी इंजी.संघदीप शाक्य, डायरेक्टर एकेडेमिक्स डा.स्वीटी, कैंपस डायरेक्टर कुलदीप व रजिस्ट्रार कंवलजीत सिंह संधू के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी ।
इस अवसर पर पूरे संस्थान परिसर को रंग-बिरंगी सजावट, फूलों और आकर्षक झांकियों से सजाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी बाल लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भजन, नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा में राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत कीं।
दही हांडी प्रतियोगिता जीतने वाली टीम को मिला 5100 रुपये का नकद पुरस्कार:
उत्सव का मुख्य आकर्षण दही हांडी प्रतियोगिता रही। ऊंचाई पर लटकाई गई दही हांडी को फोड़ने के लिए विद्यार्थियों ने गोविंदा का रूप धारण कर मानव पिरामिड बनाया। जैसे-जैसे टीमों ने हांडी तक पहुंचने का प्रयास किया, पूरा परिसर तालियों और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। कई प्रयासों के बाद बीटेक की टीम ने मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने में सफलता हासिल की। इस टीम में हरियाणा के साथ ही महाराष्ट्र, तेलंगाना, दिल्ली, बिहार, यूपी, पंजाब, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के छात्र शामिल रहे। देवांशु, वाहिद, अभिज्ञान तिवारी, रजत, नीलाक्ष, दक्ष, जश्नप्रीत, अंकित, प्रतीक, देवव्रत, आयुष, हिमांशु, रितेश आदि छात्रों ने बेहतर संतुलन व समन्वय का प्रदर्शन किया । दही हांडी प्रतियोगिता जीतने वाली टीम को 5100 रुपये का नकद पुरस्कार मिला। पूर्ण मूर्ति विद्यापीठ के चेयरमैन डॉ.विजयपाल नैन ने प्रतियोगिता की विजेता बीटेक की टीम को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बाल लीला के दौरान श्रीकृष्ण गोपियों की हांडियों से मक्खन और दही चुरा कर खाया करते थे और इस लीला को आज के समय में दही हांडी के रूप में मनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन छात्र-छात्राओं को भारतीय परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ उनमें एकता, सहयोग और नेतृत्व की भावना भी विकसित करते हैं। इस मौके पर पूर्ण मूर्ति कॉलेज ऑफ लॉ के डायरेक्टर प्रो.टीसी राणा, डीन अकादमिक डा.सोनिया, फार्मेसी की प्राचार्या डा. सुनीता, डा. सुमिता सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।