Deenbandhu Chhotu Ram University of Science and Technology, Murthal

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Deenbandhu Chhotu Ram University of Science and Technology, Murthal The prestigious Engg. college "CR State College of Engg" of 20 years standing was upgraded to the St notification No. Road) 48 Km.

The erstwhile Chhotu Ram State College of Engineering, Murthal Haryana Government Institute was upgraded to Deenbandhu Chhotu Ram University of Science & Technology, Murthal through an act of legislation dated 30.10.2006 issued vide Haryana Govt. Leg./33-2006 dated 6.11.2006.The University is located on the National Highway No. 1(G.T. from ISBT, New Delhi towards Chandigarh. The location of univer

sity falls within one of the fastest growing industrial belt of Haryana. The University is spread over 273 acres and has a fully residential campus with ample built up space in a contemporary architectural idiom. This university aims to create new frontier of knowledge and produce excellent engineers who have learnt their skills in an environment of highly competent & skilled faculty– engineers who will known for their innovation, imagination, synthesizing & analytical competence, scientific intellect and who are committed to excellence. The campus also houses Central Institute of Plastics Engineering & Technology(CIPET), established by the Act of Parliament. CIPET was inaugurated by Haryana CM Shri Bhupinder Singh Hooda on May 11, 2013.[citation needed] The university has been awarded with the Technical Education Quality Improvement Programme Phase - II (TEQIP Phase-II) of the World Bank Project. History
The Institution started with Mechanical Engineering, and Electronics and Communication Engineering, with an intake of 30 students in each branch.[citation needed] It was known as the Chhotu Ram State College of Engineering, Murthal until the government of Haryana upgraded it to University in 2006. Location
The university is located on National Highway No. 1 at a distance of 50 km from I.S.B.T., Delhi and at a distance of 8 km from Sonipat railway station. The sprawling campus of the College has been developed on 273 acres (1.10 km2) of land which falls within the industrial and commercial belt extending from Kundli to Panipat. The site has a strategic location in that it is near the national capital while being in the clean and unpolluted environment of the country side.

2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवा बनें टेक्नोलॉजी के क्रिएटर : कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंहस्वतंत्रता दिवस समारो...
17/08/2026

2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवा बनें टेक्नोलॉजी के क्रिएटर : कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह
स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति से सराबोर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कुलगुरु ने सवेरा के विद्यार्थियों को किया सम्मानित
सोनीपत,15 अगस्त।
दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और तिरंगे की शान से गूंज उठा। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रभक्ति, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता पर आधारित गीत, नृत्य एवं अन्य प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले सवेरा स्कूल के विद्यार्थियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया। सवेरा स्कूल के लगभग 250 बच्चों को स्टेशनरी किट भी दिए। समारोह के अंत में उपस्थित सभी को प्रसाद के रूप में लड्डू वितरित किए गए। विदित रहे कि विश्वविद्यालय मे दो दिन पूर्व तिरंगा यात्रा का भी आयोजन किया गया था जिसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने देशवासियों एवं विश्वविद्यालय परिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन उन अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह अनगिनत बलिदानों का परिणाम है।
कुलगुरु प्रो.सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब भारत आत्मनिर्भर, शिक्षित, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध और विश्व में सम्मान के साथ खड़ा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने में देश के युवाओं और विद्यार्थियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, इंजीनियर, शिक्षक, उद्यमी, प्रशासक और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।
कुलगुरु प्रो.सिंह ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी तलाशने वाले युवा न बनें, बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने वाले बनें। केवल समस्याओं की शिकायत न करें, बल्कि उनके समाधान खोजें। उन्होंने कहा कि युवा तकनीक के उपभोक्ता नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी के क्रिएटर बनें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसी उभरती तकनीकें भारत के विकास की नई दिशा तय करेंगी और विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों के लिए तैयार कर रहा है।
कुलगुरु प्रो.सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन का बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और जिस भी क्षेत्र में जाएं, उत्कृष्टता हासिल करने का प्रयास करें। इंजीनियर देश की समस्याओं का समाधान खोजें, वैज्ञानिक मानवता के लिए उपयोगी अनुसंधान करें, उद्यमी रोजगार के नए अवसर पैदा करें और शिक्षक ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण में भी योगदान दें।
कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की महानता केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, सामाजिक जिम्मेदारी, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से तय होती है। इसलिए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ चरित्र, क्षमता के साथ संवेदनशीलता तथा सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कुलगुरु प्रो.सिंह ने कहा कि डीसीआरयूएसटी को केवल अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र नहीं, बल्कि शोध, नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता का अग्रणी संस्थान बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। ईमानदारी, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
कुलगुरु प्रो.सिंह ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं अलग-अलग हैं, लेकिन हमारी पहचान एक है—हम भारतीय हैं। हमें एकता, भाईचारे और सामूहिक प्रयासों से भारत को विश्व में अग्रणी राष्ट्र बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवाओं की प्रतिभा, शिक्षकों की प्रतिबद्धता, वैज्ञानिकों की सोच और देशवासियों की सामूहिक शक्ति के बल पर भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
समारोह के अंत में कुलगुरु ने सभी से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने ज्ञान, प्रतिभा और ऊर्जा को देश के विकास के लिए समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हम सब मिलकर ऐसा भारत बनाएं, जिस पर आने वाली पीढ़ियां गर्व कर सकें। कार्यक्रम के अंत छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.सुरेश वर्मा ने धन्यवाद किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा.अमित कुमार व शिक्षक उपस्थित थे।

17/08/2026
उच्च शिक्षा परिषद चेयरमैन प्रो. के.सी. शर्मा बोले- एआई शिक्षण, शोध और नवाचार को देगा नई गतिएआई अपनाए बिना भविष्य की शिक्...
10/08/2026

उच्च शिक्षा परिषद चेयरमैन प्रो. के.सी. शर्मा बोले- एआई शिक्षण, शोध और नवाचार को देगा नई गति

एआई अपनाए बिना भविष्य की शिक्षा की कल्पना संभव नहीं : कुलगुरु प्रो.सिंह

डीसीआरयूएसटी में गूगल जनरेटिव एआई पर राज्य स्तरीय कार्यशाला, हरियाणा के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण |

सोनीपत, 30 जुलाई।

हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रो. के.सी. शर्मा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्तमान समय में शिक्षा, अनुसंधान, प्रशासन और तकनीकी नवाचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। बदलते वैश्विक परिवेश में शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों के लिए नई तकनीकों को अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि एआई का प्रभावी उपयोग शिक्षण एवं शोध कार्यों को नई दिशा देगा और विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक सक्षम बनाएगा।

उच्च शिक्षा को डिजिटल युग की नई चुनौतियों और संभावनाओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुरुवार को गूगल जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद, नैसकॉम और फ्यूचर स्किल्स प्राइम के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा एआई आधारित आधुनिक शिक्षण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

उच्चतर शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रो. शर्मा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल प्रतिभागियों को एआई के सैद्धांतिक पक्ष से परिचित कराना नहीं, बल्कि उन्हें इसके व्यावहारिक उपयोगों का प्रशिक्षण देना भी है, ताकि शिक्षक अपने दैनिक शिक्षण कार्यों में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को एआई की मूल अवधारणाओं, इसकी कार्यप्रणाली और विभिन्न डिजिटल टूल्स की जानकारी देने के साथ-साथ यह भी समझाया गया कि शिक्षण सामग्री तैयार करने, शोध कार्यों को गति देने, विद्यार्थियों के मूल्यांकन, कंटेंट निर्माण, डेटा विश्लेषण तथा प्रशासनिक कार्यों को अधिक सरल, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने में एआई किस प्रकार उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

उच्चतर शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रो. शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनने जा रही है। ऐसे में शिक्षकों को भी स्वयं को तकनीकी रूप से लगातार अपडेट रखना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक दिवसीय आयोजन तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इन्हें निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। भविष्य में एआई के उन्नत आयामों, नवीनतम तकनीकों और व्यवहारिक उपयोगों पर और व्यापक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

उच्चतर शिक्षा परिषद के चेयरमैन प्रो. शर्मा ने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे कार्यशाला में अर्जित ज्ञान और अनुभव को अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अन्य संकाय सदस्यों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक शिक्षक अपने संस्थान में एआई आधारित शिक्षण संस्कृति को बढ़ावा देगा तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे उच्च शिक्षा तंत्र पर दिखाई देगा और शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने प्रतिभागियों से परिषद को अपने सुझाव और अनुभव उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया, ताकि भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक व्यवहारिक तथा उपयोगी बनाया जा सके।

हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. एस.के. गखड़ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का प्रभावी उपयोग ही भविष्य की शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, नवाचारोन्मुख तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने का आधार बनेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की शिक्षा, शोध और नवाचार का सबसे मजबूत आधार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों और शोधार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप दक्ष बनाना भी उसकी प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ यह कार्यशाला आयोजित की गई है, ताकि शिक्षकों को जनरेटिव एआई की आधुनिक तकनीकों से जोड़कर डिजिटल शिक्षण के नए आयामों से परिचित कराया जा सके।

कुलगुरु प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने कहा कि आज शिक्षा और अनुसंधान का स्वरूप तेजी से बदल रहा है तथा एआई आधारित तकनीकें ज्ञान सृजन और नवाचार की प्रक्रिया को नई गति दे रही हैं। ऐसे समय में शिक्षकों के लिए इन तकनीकों का ज्ञान और उनका प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा का मार्ग प्रशस्त करेगी।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई की मूल अवधारणाओं, गूगल स्किल लर्निंग पाथ, एजेंट प्लेटफॉर्म लैब में प्रॉम्प्ट डिजाइन, एडवांस्ड प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, शिक्षण एवं अनुसंधान में एआई आधारित उत्पादकता उपकरणों तथा मूल्यांकन प्रक्रिया में एआई के प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अभ्यास आधारित सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को नई तकनीकों के उपयोग की बारीकियां भी समझाई गईं, जिससे वे अपने शिक्षण एवं शोध कार्यों में इनका प्रभावी उपयोग कर सकें।

इस अवसर पर हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रो. आर.एस. राठौर, संयुक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर अपूर्व पांडेय, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार, शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एम.एन. मिश्रा, प्रो. ए.के. सिंह सहित विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और प्रदेशभर से आए शिक्षक उपस्थित रहे।

19/07/2026

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Deenbandhu Chhotu Ram University Of Science And Technology, Murthal
Sonipat
131039

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