09/12/2024
नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इण्डिया पर उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यक्रम
दिनांक 4 दिसंबर 2024 को केन्द्रीय पुस्तकालय, हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखण्ड) द्वारा ए०सी०एल० सभागार में नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इण्डिया (एनडीएलआई) एवं एनडीएलआई क्लब के सहयोग से विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधकर्ताओं छात्र-छात्राओं एवं कर्मियों हेतु नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी पर "उपयोगकर्ता जागरूकता कार्यक्रम" का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ० हर सिंह द्वारा हाइब्रिड मोड में उपस्थित सभी शिक्षकों, शोधार्थियों, छात्र-छात्राओं व कर्मियों का स्वागत करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर जानकारी प्रदान की गई।इस अवसर पर पुस्तकालय समन्वक प्रो० इन्दू पाण्डेय खण्डूडी ने अपने स्वागत भाषण में वर्तमान संदर्भ में एनडीएलआई के महत्व पर प्रकाश डाला। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इण्डिया के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों और अवसरों के बारे में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय के भीतर अनुसंधान, सीखने और शैक्षिक अनुभवों को बढ़ाने हेतु एनडीएलआई डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इण्डिया, आईआईटी खड़गपुर के रिसोर्स पर्सन सोवन नाथ द्वारा ऑनलाइन माध्यम से एनडीएलआई के माध्यम से उपलब्ध ई-संसाधनों एवं उनके उपयोग पर विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। उपयोगकर्ता जागरूकता पर जानकारी पूर्ण सत्र देते हुए उन्होंने कहा कि नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी सीखने के संसाधनों का एक आभासी भण्डार है, जो न केवल खोज/ब्राउज़ सुविधाओं वाला भंडार है, बल्कि शिक्षण, सीखने और अनुसंधान समुदाय के लिए अनेक विषयों में सेवायें प्रदान करता है। कार्यक्रम में आनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम में 300 से अधिक शिक्षकों, शोधार्थियों, छात्र-छात्राओं, कर्मियों तथा टिहरी एवं पौड़ी परिसर के उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रतिभाग किया गया।
अन्त में, उप-पुस्तकालयाध्यक्ष चौरास डॉ० जयाप्रकाश जोशी द्वारा कार्यक्रम में सम्मिलित समस्त प्रतिभागियों का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर डाॅ० ज्योति राणा, पवन बिष्ट, सी०एम० भट्ट, संजय गौतम, पवन प्रकाश, भगत लाल, भरत सिंह रौथाण, सुषमा धनाई, अनूप रावत, सूरज लिंगवाल, नागेन्द्र बुटोला, रेनू पंवार, राकेश आर्य, नीलम रौथाण, जितेन्द्र नेगी, शिव सिंह, सूरज मौर्य, प्राची भट्ट, नीलम खत्री, निशा, प्रमोद भट्ट तथा समस्त पुस्तकालय परिवार, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएँ आदि उपस्थित थे।