14/10/2026
जनजातीय ज्ञान जैव विविधता संरक्षण की अमूल्य धरोहर : प्रो. कटेवा
गुरु नानक कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से ‘राजस्थान के आदिवासी एवं जैव विविधता’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. एस.एस. कटेवा थे।
प्रो. कटेवा ने आदिवासी समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति से उनके गहरे जुड़ाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि औषधीय पौधों, स्थानीय वनस्पतियों और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित उनका पारंपरिक ज्ञान जैव विविधता संरक्षण की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने संरक्षण के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर जोर दिया।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. अनिल कोठारी ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया। डॉ. मीनल कोठारी ने संचालन किया, जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. अलका जैन ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।