30/08/2021
बीएचयू की स्वायत्तता, बीएचयू की सुंदरता, बीएचयू की स्वच्छता, बीएचयू की स्वतंत्रता को बचाना, महामना की बगिया को निर्मल बनाए रखने के संकल्प को निभाना हम सब पूर्व एवं वर्तमान बीएचयू वासियों की नैतिक जिम्मेदारी है।
हैदराबाद , सुसवाही आदि इलाको के जल जमाव से आप सब शायद ही अबतक अनजान हो। बारिश में इस इलाके के स्थानीय आबादी को जल-जमाव की वजह से काफी परेशान भी होना पड़ता है। लेकिन दो वर्षों से निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी यहाँ की आबादी को निगम प्रशासन ने बेसुध छोड़कर रखा है। इस वर्ष जब स्थानीय लोगों को जल जमाव की दिक्कत से नए सिरे से जूझना पड़ा है तो उसने निगम और विधायकों पर दबाव बनाना शुरू किया है। विधायकों, नगर निगम और जिला प्रशासन ने बिना किसी जनमत के समस्या समाधान के लिए बीएचयू में नाली निर्माण का प्रस्ताव पास कर दिया है। इस बारे में बीएचयू से सलाह-मशविरा करने की बजाय अपना हुक़्क़मरानी फैसला सुना दिया है कि अगले हफ्ते से बीएचयू में नाली निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
दरअसल विधायक, निगम और जिला प्रशासन शायद यह भूल गया है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय संसद के द्वारा पारित एक्ट के तहत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। बीएचयू एक स्वायत्त विश्वविद्यालय है। जिला प्रशासन और वाराणसी नगर निगम शायद यह भूल गया है कि बीएचयू उसके फैसलों के अनुसार चलने को बाध्य नहीं है। जिला प्रशासन, नगर निगम और उन सारे विधायकों जिन्हें बीएचयू की स्वायत्तता का एहसास खत्म हो चला है, आइये हम बीएचयू के लोग मिलकर उन्हें सम्मिलित प्रयासों से बनें इस विश्वविद्यालय की सम्मिलित शक्ति का एहसास कराते हैं।
बीएचयू से जुड़े विद्यार्थी एवं यहां के सभी अंतःवासी बीएचयू परिसर में वाराणसी नगर निगम, जिला प्रशासन, वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड, वीडीए आदि संस्थाओं के ऐसे किसी भी अवैध निर्माण की सख्त मुख़ालफ़त करते हैं
Banaras Hindu University - Varanasi
Varanasi UP Police Ministry of Education University Grants commission