Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi Vishwavidyalaya

Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi Vishwavidyalaya विश्वविद्यालय का आधिकारिक फेसबुक पेज

भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2025–26 के लिए आमंत्रित शोध परियोजना प्रस्तावों के अंतर्गत...
17/03/2026

भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2025–26 के लिए आमंत्रित शोध परियोजना प्रस्तावों के अंतर्गत महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के समाजशास्त्र विभाग के डॉ. वरुण कुमार उपाध्याय तथा शिक्षा विभाग के डॉ. चन्द्रशेखर पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत शोध प्रस्ताव को परिषद की विशेषज्ञ समिति की अनुशंसा के आधार पर स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. वरुण कुमार उपाध्याय तथा सह-अन्वेषक डॉ. चंद्रशेखर पाण्डेय हैं।

परियोजना का शीर्षक है -
"Designing a Web-based Information System and a Model of Environmental Education for the Indigenous Ecological Knowledge System of the Chero Tribe in Bihar"

इस परियोजना का उद्देश्य बिहार के कैमूर जिले में निवासरत चेरो जनजाति की समृद्ध पारंपरिक पारिस्थितिकी ज्ञान प्रणाली का नृविज्ञान अध्ययन करना है। इसके अंतर्गत चेरो जनजाति की स्थानीय जैव-विविधता, पारिस्थितिकी ज्ञान के संप्रेषण की विधियों, संस्कृति एवं पर्यावरण के पारस्परिक संबंधों का सुव्यवस्थित प्रलेखन किया जाएगा। साथ ही, नृविज्ञान-आधारित समेकित पर्यावरण शिक्षा का एक मॉडल तथा एक डिजिटल सूचना प्रणाली विकसित की जाएगी।

यह परियोजना भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण तथा उसके शैक्षिक एकीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने दोनों शोधकर्ताओं को हार्दिक बधाई दी है।

Indian Council of Social Science Research, New Delhi University Grants Commission Ministry of Education

ऑस्ट्रेलिया की संस्था ने कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा को किया सम्मानितवर्धा, 17 मार्च 2026: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा...
17/03/2026

ऑस्ट्रेलिया की संस्था ने कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा को किया सम्मानित

वर्धा, 17 मार्च 2026: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी भाषा, साहित्य और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति प्रोफेसर कुमुद शर्मा को ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित संस्था इंडियन लिटरेरी एंड आर्ट सोसाइटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर “लैंग्वेज एंड लिटरेचर एक्सीलेंस अवार्ड” के रूप में प्रदान किया गया।
संस्था द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, प्रो. कुमुद शर्मा को यह सम्मान साहित्य, कला, पत्रकारिता तथा सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक और प्रभावशाली योगदान के लिए दिया गया है। उन्होंने न केवल हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारतीय भाषाई अस्मिता को सशक्त रूप से स्थापित करने का कार्य भी किया है।
महात्मा गांधी अतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति के रूप में प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शोध, प्रकाशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं। विशेष रूप से हिंदी भाषा को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में स्थापित करने के प्रयासों को व्यापक सराहना मिली है।
ऑस्ट्रेलिया की संस्था के पदाधिकारियों ने अपने संदेश में कहा कि प्रो. कुमुद शर्मा का कार्य न केवल भारत, बल्कि विश्वभर में हिंदी प्रेमियों और साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भाषा और साहित्य को समाज से जोड़ते हुए उसे जन-जन तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया है। साथ ही, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और योगदान भी अत्यंत प्रशंसनीय है।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिया गया यह सम्मान विश्वभर की उन महिलाओं को समर्पित है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देकर समाज को नई दिशा प्रदान की है। प्रो. कुमुद शर्मा का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रतीक है, बल्कि हिंदी भाषा के वैश्विक सम्मान का भी परिचायक है।

Ministry of Education University Grants Commission Dharmendra Pradhan Sansad TV

कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने छत्रपति संभाजी महाराज की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलिवर्धा, 11 मार्च 2026: महात्मा गांधी अंतर...
11/03/2026

कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने छत्रपति संभाजी महाराज की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

वर्धा, 11 मार्च 2026: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कुमुद शर्मा ने बुधवार, 11 मार्च को छत्रपति संभाजी महाराज की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। विश्वविद्यालय के छत्रपति संभाजी महाराज छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक, अधिकारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने भी छत्रपति संभाजी महाराज के फोटो पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

अवसर पर परीक्षा नियंत्रक एवं प्रभारी कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र गादेवार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार, कुलानुशासक डॉ. राकेश मिश्र, मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ. जयंत उपाध्याय, छात्रावास अधीक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश पाण्डेय, डॉ. शैलेश कदम, डॉ. संदीप सपकाले, डॉ. प्रमोद जोशी, डॉ. बालाजी चिरडे, डॉ. जगदीश नारायण तिवारी, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह, हिंदी अधिकारी राजेश यादव, जनसंपर्क अधिकारी बी.एस. मिरगे आदि सहित विभिन्न छात्रावासों के शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर किया अभिवादनवर्धा, 10 मार्च 2026: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्र...
10/03/2026

कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर किया अभिवादन

वर्धा, 10 मार्च 2026: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में मंगलवार, 10 मार्च को क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर विश्वविद्यालय के सावित्रीबाई फुले महिला छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में विश्‍वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया। इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर अवधेश कुमार, मुख्‍य छात्रावास अधीक्षक डॉ. जयंत उपाध्‍याय, छात्रावास अधीक्षक डॉ. गौरी शर्मा, डॉ. सूर्य प्रकाश पाण्डेय, हिंदी अधिकारी राजेश यादव, बी. एस. मिरगे, संगीता मालवीय आदि सहित सावित्रीबाई फुले तथा लक्ष्मीबाई केलकर छात्रावास की छात्रा और कर्मियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थितों ने सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्‍प अर्पित कर नमन किया।

चुनौतियों का सामना करते हुए महिलाएं आगे बढ़ रही हैं : प्रो. गीता भट्टअंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर हिंदी विश्‍वविद्यालय म...
10/03/2026

चुनौतियों का सामना करते हुए महिलाएं आगे बढ़ रही हैं : प्रो. गीता भट्ट

अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर हिंदी विश्‍वविद्यालय में ‘महिला सशक्तीकरण के विभिन्‍न आयाम’ विषय पर हुआ व्‍याख्‍यान

अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में ‘महि‍ला सशक्तीकरण के विभिन्‍न आयाम’ विषय पर आयोजित व्‍याख्‍यान में बतौर मुख्‍य वक्‍ता संबोधित करते हुए दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय की एनसीडब्‍ल्‍युईबी की निदेशक एवं एसोशिएट प्रोफेसर प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही महि‍लाएं नेतृत्‍व करती आ रही हैं वर्तमान समय में भी अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में जागरण की आवश्‍यकता है। विश्‍वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा की अध्‍यक्षता में सोमवार, 09 मार्च को ग़ालिब सभागार व्‍याख्‍यान का आयोजित किया गया।
इस अवसर पर आवासीय लेखिका डॉ. क्षमा कौल, आंतरिक शिकायत समिति की अध्‍यक्ष डॉ. अनुपमा गुप्‍ता और साहित्‍य विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. अवधेश कुमार मंचासीन थे। प्रो. गीता भट्ट ने कहा कि हर शताब्‍दी में महिलाओं की सफलता के कईं उदाहण मिलते हैं। इस संदर्भ में उन्‍होंने 12वीं शताब्दी में गुजरात के पाटन की रानी नायकी देवी, 16वीं शताब्दी में कर्नाटक की रानी अवक्‍का आदि की सफलता का उदाहण दिया। उन्‍होंने शिक्षा जगत में सावित्रीबाई फुले और विज्ञान में कमला सोहनी की सफलता की चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि हमारे ग्रंथ धर्म, अर्थ और काम में संतुलन की बात करते है। हमें संतुलन बनाए रखकर आगे बढ़ने की आवश्‍यकता है।
अध्‍यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि सहयोग, समन्‍वय व सामंजस्‍य बनाकर विकास पथ पर चलना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि कोई भी समाज और समुदाय नैतिक साझेदारी से चलता है। महिलाओं को स्‍व को साझेदारी के साथ पुष्‍ट करना चाहिए। स्‍त्री के पास सृजन की शक्ति है और इसकी परंपरा दुर्गा, लक्ष्‍मी और सरस्‍वती से चलती आ रही है। महिलाओं ने पग-पग पर आयी बाधाओं को पार कर उंचाईयों को छुआ है।
डॉ. क्षमा कौल ने सनातन परंपरा का संदर्भ देते हुए स्‍त्री चेतना पर प्रकाश डाला। डॉ. अनुपमा गुप्‍ता ने सशक्‍तीकरण के लिए सफलता प्राप्‍त करने पर बल दिया और मानवता को बचाने के लिए आगे आने की आवश्‍यकता जतायी। कार्यक्रम का स्‍वागत वक्‍तव्‍य प्रो. अवधेश कुमार ने किया।
अतिथिओं का स्‍वागत शॉल, सूतमाला और विश्‍वविद्यालय का प्रतीक चिन्‍ह से किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्‍ज्‍वलन एवं कुलगीत से तथा समापन राष्‍ट्रगान से किया गया। इस अवसर पर जेंडर संवेदनशीलता एवं सम्‍मान विषय पर आयोजित पोस्‍टर एवं स्‍लोगन प्रतियोगिताओं के प्रमाणपत्र विद्या‍र्थियों को प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सीमा ब‍र्गट ने किया तथा आंतरिक शिकायत समिति के विद्या‍र्थी प्रतिनिधी रवींद्र कुमार ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम कोलकाता, रिद्धपुर एवं प्रयागराज केंद्र के अध्‍यापक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी ऑनलाइन माध्‍यम से जुड़े थे। इस अवसर पर बड़ी संख्‍या में अध्‍यापक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
07/03/2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

अज्ञेय आधुनिकता के महाद्वीप हैं :  प्रो. आनंद कुमार सिंहहिंदी विश्वविद्यालय में 'अज्ञेय' की जयंती पर हुआ व्याख्यान वर्धा...
07/03/2026

अज्ञेय आधुनिकता के महाद्वीप हैं : प्रो. आनंद कुमार सिंह

हिंदी विश्वविद्यालय में 'अज्ञेय' की जयंती पर हुआ व्याख्यान
वर्धा, 7 मार्च 2026: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' की जयंती पर 'प्रयोगवादी काव्य और अज्ञेय' विशेष पर आयोजित व्याख्यान में उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर आनंद कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी के महान कथाकार, उपन्यासकार व पत्रकार 'अज्ञेय' आधुनिकता के महाद्वीप हैं। प्रो. सिंह ने अज्ञेय के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि राम कमल राय ने 1986-87 में 'शिखर से सागर तक' शीर्षक से अज्ञेय की जीवनी को लिखी जिसमें अज्ञेय के जीवन से जुड़े अज्ञात पक्ष मिलते हैं। तार सप्तक का विस्तार से विवेचन करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रयोगवाद का घोषणापत्र है।

प्रगतिवाद और प्रयोगवाद को व्याख्यायित करते हुए उन्होंने कहा कि कविता को समझने के लिए उस कालखंड के राजनैतिक परिदृश्य को समझना आवश्यक होता है। कवि अज्ञेय ने परंपरा और प्रगति का द्वंद्व मिटाया, वे भारतीय परंपरा के प्रतीक माने जाते हैं।

ग़ालिब सभागार में शनिवार, 7 मार्च को आयोजित कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रास्ताविक वक्तव्य साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने दिया। उन्होंने कहा कि कविता में प्रयोगवाद को लाने का श्रेय अज्ञेय को जाता है। उनकी कविताओं में दार्शनिक और बौद्धिकता का स्वर प्रखर रूप से प्रदर्शित होता है। उन्होंने तार सप्तक की चर्चा करते हुए अज्ञेय के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। संचालन कार्यक्रम के सह- संयोजक, हिंदी साहित्य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने किया तथा कार्यक्रम के संयोजक हिंदी साहित्य विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ अज्ञेय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। प्रारंभ कुलगीत से तथा समापन राष्ट्रगान से किया गया। इस अवसर पर डॉ. रूपेश कुमार सिंह, डॉ. शैलेश मरजी कदम, डॉ. कोमल कुमार परदेसी, डॉ. रणंजय कुमार सिंह, बी.एस. मिरगे सहित शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रिद्धपुर में मराठी भाषा गौरव दिवस पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठीहिंदी विश्वविद्यालय का आयोजन मराठी भाषा व साहित्य ज्ञान का सम...
27/02/2026

रिद्धपुर में मराठी भाषा गौरव दिवस पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी
हिंदी विश्वविद्यालय का आयोजन
मराठी भाषा व साहित्य ज्ञान का समृद्ध खजाना- प्रो. कुमुद शर्मा

वर्धा, 27 फरवरी 2026 : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि अभिजात मराठी भाषा महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर है। मराठी भाषा का साहित्य सृजनशील है। मराठी भाषा व साहित्य में ज्ञान का समृद्ध खजाना है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के सर्वज्ञ श्री चक्रधर स्वामी मराठी भाषा तथा तत्वज्ञान अध्ययन केंद्र, रिद्धपुर, अमरावती द्वारा मराठी भाषा गौरव दिवस पर ‘अभिजात मराठी भाषा व साहित्य : धरोहर और संवर्धन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र के अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने अपने विचार मराठी भाषा में व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के आवासीय लेखक प्रो. भूषण भावे थे। इस अवसर पर एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश लेहकपुरे, रिद्धपुर केंद्र की प्रभारी तथा एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. नीता मेश्राम की उपस्थित थी। अपने उद्बोधन में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि हम सभी भाग्यशाली है जिन्हें आज मराठी भाषा गौरव दिवस मनाने का भाग्य मिला जहाँ मराठी का प्रथम ग्रंथ लीळाचरित्र का निर्माण हुआ। उन्होंने कवि श्रेष्ठ विष्णु वामन शिरवाड़कर 'कुसुमाग्रज' की कविता की कुछ पंक्तियां प्रस्तुत की। भाषा की विशेषता के संदर्भ में उन्होंने कहा की भारत बहूभाषिक देश है। सभी भारतीय भाषाएं हमारा स्वाभिमान है। सभी भाषाओं की शब्द रचना भिन्न होने के बावजूद सभी भाषाओं के साहित्य में भाषा, संस्कृति व परंपरा का आपस में गहरा संबंध है। भाषा अपने अस्तित्व का अभिन्न अंग है व संस्कृति का आधार मानी जाती है। प्रमुख अतिथि प्रो. भूषण भावे ने कहा कि मराठी भाषा में अनेक बोलियां हैं लेकिन मराठी बोली भाषा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। मराठी का अस्तित्व बनाए रखने के लिए उसे डिजिटल भाषा के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है । इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने मराठी को ज्ञान -भाषा बनाने के लिए उसे डिजिटल मंच पर साझा करने का आह्वान किया।
केंद्र में भाषा संवर्धन सप्ताह के अंतर्गत विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया तथा विजेताओं को कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा द्वारा पुरस्कृत किया गया।‌ जिसमें निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार यश सुनीलपंत भोकरे को, द्वितीय पुरस्कार रूपाली उमेश कडु को व तृतीय पुरस्कार वैष्णवी रामसिंग गौतम को प्रदान किया गया। मराठी शुद्ध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार आर्यन विजयराव उंदीरवाडे को, द्वितीय पुरस्कार कांचन किरणराव श्रीराव को और तृतीय पुरस्कार अंकिता अजयराव देशमुख को दिया गया। मराठी स्व-लिखित कविता प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार प्राजक्ता अजयराव देशमुख को, द्वितीय पुरस्कार अंकिता अजयराव देशमुख को व तृतीय पुरस्कार सलोनी गजाननराव गवई को प्रदान किया गया। भाषण प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार दिनेश गोहत्रे को, द्वितीय पुरस्कार प्राजक्ता देशमुख को और तृतीय पुरस्कार कुनाल हरणे को दिया गया । वाद-विवाद प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार प्राजक्ता देशमुख को, द्वितीय पुरस्कार कांचन किरणराव श्रीराव को और तृतीय पुरस्कार अभय डोंगर दिया गया। उदघाटन सत्र में अतिथियों का परिचय व स्वागत एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश लेहकपुरे ने किया तथा प्रास्ताविक रिद्धपुर केंद्र की प्रभारी तथा एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. नीता मेश्राम ने किया। संचालन शोध अनुषंगी श्री चक्रधर कोठी ने किया तथा शोध सहायक डॉ. मनोज मुनेश्वर ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया।
उद्घाटन सत्र के उपरांत ‘अभिजात मराठी भाषा व साहित्य : धरोहर और संवर्धन’ विषय पर प्राध्यापक व शोधार्थी द्वारा शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। जिसमें प्रथम सत्र के अध्यक्ष श्रीमती नरसम्मा कला, वाणिज्य व विज्ञान महविद्यालय के मराठी विभाग प्रमुख प्रो. अण्णा वैद्य थे। सत्र का संचालन अनुवादक डॉ. नितिन रामटेके ने किया व अनुवादक डॉ. स्वप्निल मून ने धन्यवाद ज्ञापित किया।‌ दूसरा तकनीकी सत्र विश्वविद्यालय के मराठी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप सपकाले की अध्यक्षता में हुआ। सत्र का संचालन शोध अनुषंगी विशाल हिवरखेडकर ने किया। डॉ. स्वप्निल मून ने आभार माना। समापन सत्र की अध्यक्षता संत गाडगे महाराज कॉलेज हिंगणा के मराठी विभागाध्यक्ष प्रो. गणेश चव्हाण ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशलवर्क नागपुर के प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुरेश वर्धे तथा विशेष अतिथि के रूप में महात्मा फुले कला, वाणिज्य व विज्ञान सीतारामजी चौधरी महाविद्यालय, वरुड के डॉ. चत्रभुज कदम की उपस्थिति थी। सत्र का संचालन अनुवादक डॉ. नितिन रामटेके ने किया तथा शोध सहायक डॉ. मनोज मुनेश्वर ने आभार ज्ञापित किया। संगोष्ठी में प्राध्यापक महेश राठोड, भूषण शिरभाते, निखिल गजभिये, रवीन्द्र ठाकरे सहित शोधार्थी व विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मराठी भाषा गौरव दिवस समारंभ
27/02/2026

मराठी भाषा गौरव दिवस समारंभ

हिंदी विश्वविद्यालय ने स्‍वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर का किया अभिवादनवर्धा, 27 फरवरी 2026: स्‍वातंत्र्यवीर विनायक ...
27/02/2026

हिंदी विश्वविद्यालय ने स्‍वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर का किया अभिवादन

वर्धा, 27 फरवरी 2026: स्‍वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर को उनकी पुण्‍यतिथि पर गुरुवार, 27 फरवरी को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय ने अभिवादन किया। स्‍वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर संकुल के पास आयोजित अभिवादन कार्यक्रम में कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने स्‍वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के फोटो पर पुष्प माला अर्पित कर अभिवादन किया। इस अवसर पर महाराज गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी, नई दिल्ली के वरिष्ठ संपादक श्री अनंत विजय, साहित्य विद्यापीठ एवं छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार सहित डॉ. विधु खरे दास, डॉ. सुहासिनी वाजपेयी, डॉ. हेमचंद्र ससाने, डॉ. मुन्‍नालाल गुप्‍ता, डॉ. प्रकाश नारायण त्रिपाठी, डॉ. राकेश मंजुल, डॉ. यशार्थ मंजुल, डॉ. एम.एम. मंगोडी, राजेश यादव, बी.एस. मिरगे, संगीता मालवीय ने भी स्‍वातंत्र्यवीर सावरकर के फोटो पर पुष्प अर्पित कर अभिवादन किया। इस अवसर पर शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के एनसीसी कैडेट मनीष कुमार पांडेय का अग्निवीर वायु पद पर चयन होने...
27/02/2026

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के एनसीसी कैडेट मनीष कुमार पांडेय का अग्निवीर वायु पद पर चयन होने से विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण है। मनीष कुमार पांडेय उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बांसडीह तहसील के निवासी हैं। इनके पिता किसान हैं। मनीष ने वर्ष 2024 में विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के बी.ए. बी.एड. (आईटीईपी) पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया तथा विश्वविद्यालय में संचालित 21 महाराष्ट्र बटालियन एन.सी.सी. इकाई के एनसीसी कैडेट के रूप में जुड़े।

उन्होंने वर्ष 2026 की अग्निवीर वायु परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्तमान में वे वायु सेना प्रशिक्षण अकादमी, बेंगलुरु में तकनीकी विभाग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कैडेट मनीष के चयन पर विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपालकृष्ण ठाकुर तथा विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. अनिकेत अनिल आंबेकर ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के अन्य कैडेटों के लिए प्रेरणास्रोत है। मनीष की इस उपलब्धि से न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि उनका परिवार एवं क्षेत्र भी गौरवान्वित हुआ है।

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