19/10/2026
काशी से तमिलनाडु तक : भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम
काशी तमिल संगमम् 5.0 के लिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा को महाराष्ट्र का राज्य नोडल संस्थान नामित किया गया है।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की इस महत्त्वपूर्ण पहल के अंतर्गत देश के 1,000 उच्चतर शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रव्यापी विद्यार्थी सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। महाराष्ट्र के कुल 100 उच्चतर शिक्षण संस्थानों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस वर्ष का विषय है - 'तिरुक्कुरल पयिल्वोम – तिरुक्कुरल अभ्यास करें' अर्थात् आइए, तिरुक्कुरल का अध्ययन करें।
संत कवि तिरुवल्लुवर द्वारा रचित तिरुक्कुरल भारतीय चिंतन की ऐसी कालजयी कृति है, जिसमें नैतिकता, सामाजिक जीवन, शासन, सदाचार और मानवीय संबंधों पर गहन विचार मिलता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक सहभागी संस्थान से एक विद्यार्थी का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को एक माह के शोध एवं शैक्षणिक कार्य के लिए ₹10,000 की वृत्ति प्रदान की जाएगी। उनके शोध-पत्र राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा एवं प्रकाशन के लिए विचारार्थ प्रस्तुत होंगे तथा देश के श्रेष्ठ 100 विद्यार्थियों को वाराणसी में सम्मानित किया जाएगा।
28 नवंबर से 12 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाला काशी तमिल संगमम् भारतीय भाषाओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक एकात्मता और ज्ञान परंपराओं के पारस्परिक आदान-प्रदान का महत्त्वपूर्ण अवसर है।
हिंदी विश्वविद्यालय को तमिल के शास्त्रीय साहित्य पर आधारित इस कार्यक्रम के महाराष्ट्र स्तरीय समन्वय का दायित्व मिलना हमारी बहुभाषिक सांस्कृतिक विरासत का सुंदर उदाहरण है।
महाराष्ट्र के सभी संबंधित उच्चतर शिक्षण संस्थानों से इस राष्ट्रीय पहल में सक्रिय सहभागिता का आग्रह है।
संस्थागत सहभागिता की पुष्टि की अंतिम समय-सीमा : 21 अक्टूबर 2026, प्रातः 11 बजे।
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Ministry of Education